
नर्मदापुरम / माँ नर्मदा की अविरल धारा और उसके तटों को स्वच्छ रखने के संकल्प के साथ आज नर्मदापुरम में एक विशेष स्वच्छता अभियान चलाया गया। बांद्रा बांध संगम स्थल पर आयोजित इस कार्यक्रम में शिक्षा विभाग के आला अधिकारियों और शिक्षक समुदाय ने मिलकर न केवल श्रमदान किया, बल्कि समाज को स्वच्छता के प्रति अपनी जिम्मेदारी निभाने का आह्वान भी किया।
*प्रशासन और शिक्षा विभाग की संयुक्त पहल*
रविवार दोपहर 12 बजे आयोजित इस अभियान में जिला शिक्षा अधिकारी लक्ष्मी नारायण प्रजापति मुख्य रूप से उपस्थित रहे। उनके नेतृत्व में शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय, सांगा खेड़ा कला (संकुल) के समस्त शिक्षक-शिक्षिकाओं ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। संगम स्थल पर बिखरे हुए प्लास्टिक कचरे और अन्य गंदगी को हटाकर शिक्षकों ने यह संदेश दिया कि शिक्षा केवल किताबों तक सीमित नहीं है, बल्कि समाज और प्रकृति की सेवा भी इसका अभिन्न अंग है।
*”नर्मदा हमारी जीवनदायिनी, संरक्षण हमारा कर्तव्य”*
कार्यक्रम के दौरान शासकीय शिक्षक संगठन के संभाग अध्यक्ष राजेश पांडेय ने संबोधित करते हुए कहा: “नर्मदा केवल एक नदी नहीं, बल्कि हमारी अटूट आस्था का केंद्र और जीवनदायिनी शक्ति है। इसकी पवित्रता और स्वच्छता को अक्षुण्ण बनाए रखना हम प्रत्येक नागरिक का नैतिक दायित्व है। जब शिक्षक ऐसे अभियानों से जुड़ते हैं, तो उसका सकारात्मक प्रभाव पूरे समाज और आने वाली पीढ़ी पर पड़ता है।”
*जनभागीदारी से बढ़ा उत्साह*
इस अभियान की खास बात यह रही कि शिक्षकों को सफाई करते देख वहां मौजूद स्थानीय नागरिक और श्रद्धालु भी स्वतः स्फूर्त होकर इस कार्य में जुट गए। सभी ने मिलकर तट को कूड़ा-मुक्त किया और भविष्य में भी माँ नर्मदा के तटों पर गंदगी न फैलाने का सामूहिक संकल्प लिया।
निष्कर्ष…….
प्रशासनिक सक्रियता और शिक्षकों के इस साझा प्रयास ने यह सिद्ध कर दिया है कि यदि सामूहिक इच्छाशक्ति हो, तो पर्यावरण संरक्षण की दिशा में बड़े बदलाव लाए जा सकते हैं। बांद्रा बांध संगम पर की गई यह सफाई आने वाले समय में अन्य पर्यटन और धार्मिक स्थलों के लिए एक मिसाल बनेगी।

