
नर्मदापुरम / शासकीय विधि महाविद्यालय में आंतरिक गुणवत्ता आश्वासन प्रकोष्ठ एवं राष्ट्रीय सेवा योजना के संयुक्त तत्वावधान में 09 एवं 10 दिसम्बर 2025 को “मानवाधिकार: आधुनिक समाज में चुनौतियाँ एवं अवसर” विषय पर दो दिवसीय सेमिनार का सफल आयोजन प्राचार्य डॉ. कल्पना भारद्वाज के मार्गदर्शन में संपन्न हुआ। कार्यक्रम का शुभारंभ दीप प्रज्ज्वलन, सरस्वती वंदना एवं स्वागत उद्बोधन के साथ हुआ। विभागाध्यक्ष शिवाकांत मौर्य ने अध्यक्षीय संबोधन में मानवाधिकारों की संवैधानिक यात्रा पर प्रकाश डाला। प्रथम दिवस में डॉ. अभिषेक सिंह ने मानवाधिकारों की ऐतिहासिक पृष्ठभूमि, मानव अधिकार की सार्वभौमिक घोषणा, नागरिक और राजनीतिक अधिकारों पर अंतर्राष्ट्रीय समझौता एवं आर्थिक, सामाजिक और सांस्कृतिक अधिकारों पर अंतर्राष्ट्रीय समझौता का विस्तृत विश्लेषण प्रस्तुत किया। राजदीप भदोरिया ने अंतराष्ट्रीय स्तर पर मानवाधिकार के संबंध में हो रहे विकास के बारे में विभिन्न प्रयासो को समझाया । शिवाकांत मौर्य ने भारतीय संविधान की मानवाधिकार संरचना पर व्याख्यान दिया तथा डॉ. महेंद्र कुमार पटेल ने अनुसूचित जाति, जनजाति, महिलाएँ, बालक -बालिकाएँ , दिव्यांगजन एवं अल्पसंख्यकों जैसे वंचित समूहों के मानवाधिकार एवं संवैधानिक संरक्षणों पर चर्चा की। द्वितीय दिवस में डॉ. अभिषेक सिंह ने महिलाओं के विरूद्ध सभी प्रकार के भेदभाव के उन्मूलन पर अभिसमय के संदर्भ में महिलाओं एवं बच्चों के मानवाधिकारों पर विशेषज्ञ व्याख्यान दिया। तत्पश्चात डॉ. महेंद्र कुमार पटेल ने भारतीय मानवाधिकार प्रवर्तन व्यवस्था, अनुच्छेद 32 व 226, लोकहित याचिका तथा पुलिस, प्रशासन व सिविल सोसायटी की भूमिका पर प्रकाश डाला। उन्होंने न्यायपालिका की भूमिका एवं महत्वपूर्ण निर्णयों का भी उल्लेख किया। अतिथि वक्ता सुश्री अरुणिका जैन ने राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग, राज्य मानवाधिकार आयोग, महिला आयोग, अल्पसंख्यक आयोग तथा पिछड़ा वर्ग आयोग की संरचना एवं कार्यप्रणाली पर विस्तृत जानकारी प्रस्तुत की। समापन सत्र में सेमिनार रिपोर्ट प्रस्तुत की गई तथा धन्यवाद प्रस्ताव के साथ कार्यक्रम संपन्न हुआ। सेमिनार के संचालन में अंकिता गौर ने किया तथा रिपोर्टिंग का कार्य रेणुका, नेहा खापरे तथा अमन भट्ट लक्ष्य मालवीय, अमीना मिर्जा श्रेयांस मिश्रा ने किया। इस अवसर पर राष्ट्रीय सेवा योजना इकाई के स्वयंसेवक सहित विद्यार्थियों की सहभागिता रही। इस दो दिवसीय सेमिनार ज्ञानवर्धक, संवादमुखी तथा अत्यंत सफल रहा। महाविद्यालय परिवार ने सभी अतिथियों, वक्ताओं एवं प्रतिभागियों के प्रति आभार व्यक्त किया।

