
नर्मदापुरम / नवरात्रि के पावन पर्व पर महिला शक्ति द्वारा आयोजित भव्य गरबा महोत्सव में भक्ति, उत्साह और भारतीय संस्कृति का अद्भुत संगम देखने को मिला। माँ दुर्गा की आराधना के साथ महिलाओं ने पारंपरिक गरबा एवं डांडिया प्रस्तुत कर पूरे वातावरण को भक्तिमय बना दिया। रंग-बिरंगे परिधानों में सजी महिलाओं की सामूहिक प्रस्तुतियों ने नारी शक्ति की ऊर्जा, आत्मविश्वास और एकजुटता का प्रभावशाली परिचय दिया। माँ दुर्गा के नौ स्वरूप नारी के साहस, ममता, शक्ति और आत्मसम्मान का प्रतीक हैं। गरबा के प्रत्येक चक्र के साथ महिलाओं ने भारतीय संस्कृति के संरक्षण और सामाजिक एकता का संदेश दिया।
महिला शक्ति का यह आयोजन समाज के लिए प्रेरणास्रोत बना। इसने साबित किया कि परंपराओं को जीवंत रखने, नई पीढ़ी को संस्कारों से जोड़ने और महिलाओं को एक साझा मंच प्रदान करने में ऐसे सांस्कृतिक आयोजनों की महत्वपूर्ण भूमिका है। सुषमा गुप्ता ने बताया कि आज की युवा पीढ़ी मोबाइल के उपयोग से अपनी संस्कृति को भूलते जा रहे हैं जो की सनातन की पहचान है और विश्व में एक अपनी अलग ही पहचान बनाए हुए हैं, अब इस तरह के कार्यक्रम देखकर उनके मन में भी सनातन धर्म के प्रति आस्था बढ़ेगी।

