
नर्मदापुरम / भारतीय संस्कृति की समृद्ध विरासत को सहेजने और सांस्कृतिक गतिविधियों को नई ऊर्जा देने के उद्देश्य से संस्कार भारती की चिंतन बैठक गुरुवार को आयोजित की गई। गणेश वंदना के साथ प्रारंभ हुई बैठक में संगठन के आगामी कार्यक्रमों, सांस्कृतिक विस्तार और भारतीय जीवन मूल्यों के प्रचार-प्रसार पर विस्तार से विचार-विमर्श किया गया।
बैठक की अध्यक्षता संस्कार भारती के संरक्षक टी. पी. मिश्रा ने की। उन्होंने अपने संबोधन में कहा कि चार दशक पूर्व भारतीय जीवन मूल्यों, संस्कृति और परंपराओं के संरक्षण के उद्देश्य से शुरू किया गया संस्कार भारती का अभियान आज सकारात्मक परिणाम दे रहा है। समाज में सांस्कृतिक चेतना का विस्तार इस बात का प्रमाण है कि भारतीय परंपराओं की जड़ें आज भी मजबूत हैं।
जिला अध्यक्ष हर्ष तिवारी ने कला की सामाजिक भूमिका पर प्रकाश डालते हुए कहा कि कला महज मनोरंजन का साधन नहीं, बल्कि समाज को जागरूक करने, मानवीय संवेदनाओं को विकसित करने और व्यक्तित्व निर्माण का प्रभावी माध्यम है। उन्होंने सांस्कृतिक गतिविधियों को व्यापक स्तर पर आगे बढ़ाने की आवश्यकता पर जोर दिया।
वहीं, महामंत्री सुयश मिश्रा ने आगामी योजनाओं की विस्तृत रूपरेखा प्रस्तुत करते हुए संगठन की भावी गतिविधियों और कार्ययोजना की जानकारी दी। बैठक में सांस्कृतिक कार्यक्रमों को अधिक प्रभावी बनाने तथा भारतीय परंपराओं को जन-जन तक पहुंचाने को लेकर भी चर्चा हुई।
इस अवसर पर समिति उपाध्यक्ष अभिषेक दुबे, कोषाध्यक्ष महेंद्र आर्य, अनिल उपाध्याय, रामकुमार उपाध्याय सहित अन्य सदस्य उपस्थित रहे।

