

नर्मदापुरम / पुलघाट स्थित डोंगरवाला रेत खदान में कथित अवैध उत्खनन के मामले में अब माखन का नाम सामने आने की बात कही जा रही है। वहीं, सूत्रों और स्थानीय लोगों द्वारा आरोप लगाया जा रहा है कि उसके भाई इंदर की भी रेत के कथित अवैध कारोबार में भूमिका है। आरोप है कि इंदर रेत लेकर जाने वाली प्रत्येक ट्रैक्टर-ट्रॉली से कथित रूप से ₹300 की वसूली करता है।
स्थानीय स्तर पर यह भी चर्चा है कि इस पूरे कारोबार को कुछ स्थानीय नेताओं का कथित संरक्षण प्राप्त है। हालांकि संरक्षण और वसूली से जुड़े इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है और संबंधित पक्ष का पक्ष सामने आना बाकी है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि लंबे समय से बंद डोंगरवाला रेत खदान से अवैध उत्खनन किया जा रहा है तो केवल वाहनों पर कार्रवाई पर्याप्त नहीं होगी। खदान से रेत की निकासी, वाहनों की आवाजाही और कथित रूप से इससे जुड़े लोगों की भूमिका की विस्तृत जांच की जानी चाहिए।
इसके साथ ही माखन और इंदर की कथित संपत्ति और आय के स्रोतों की भी संबंधित विभागों द्वारा जांच किए जाने की मांग उठ रही है। लोगों का कहना है कि यदि अवैध रेत कारोबार से संपत्ति अर्जित करने के आरोप सही पाए जाते हैं तो नियमानुसार कार्रवाई की जानी चाहिए।
गौरतलब है कि ‘सत्य की आवाज’ ने डोंगरवाला रेत खदान में कथित अवैध उत्खनन का मामला प्रमुखता से प्रकाशित किया था, जिसके बाद शुक्रवार को खनिज विभाग ने कार्रवाई करते हुए तीन ट्रैक्टर-ट्रालियों को पकड़ा और देहात थाने में खड़ा कराया। अब कार्रवाई के बाद पूरे मामले में खदान की निगरानी और कथित रेत कारोबार से जुड़े लोगों की भूमिका की जांच पर नजर है।

