
नर्मदापुरम / जिले के ग्राम निटाया निवासी एक पीड़ित कृषक ने कलेक्टर के स्टेनो पर पद और प्रभाव का दुरुपयोग कर उसका पुश्तैनी आशियाना उजाड़ने के सनसनीखेज आरोप लगाए हैं। पीड़ित किसान भुवनेश्वर पटेल ने स्थानीय स्तर पर न्याय न मिलने पर अब प्रधानमंत्री , राष्ट्रपति को पत्र भेजकर पूरे मामले की निष्पक्ष जांच और दोषियों के विरुद्ध कड़ी कानूनी कार्रवाई की मांग की है।
रात के अंधेरे और बारिश में बिना नंबर की जेसीबी से कार्रवाई की गई। शिकायती पत्र में पीड़ित कृषक भुवनेश्वर पटेल ने आरोप लगाया कि कलेक्टर के स्टेनो प्रथमेश पटेल आत्मज योगराज पटेल ने द्वेषतावश राजस्व अमले और पुलिस बल की मौजूदगी में जेसीबी मशीन से उनके वर्षों पुराने मकान जिसमें टिन शेड लगा हुआ था और केंद्र सरकार के स्वच्छ भारत मिशन के तहत बने पक्के शौचालय को पूरी तरह ध्वस्त कर दिया। कार्रवाई बारिश के बीच आधी रात को नियमों को ताक पर रखकर की गई, जिससे उनका पूरा परिवार खुले आसमान के नीचे आने को मजबूर हो गया और उन्हें
स्वामित्व योजना की मंशा पर उठाए सवाल….
पीड़ित ने प्रधानमंत्री को भेजे पत्र में उल्लेख किया कि जहां एक ओर केंद्र सरकार की महत्वाकांक्षी ‘स्वामित्व योजना’ का मुख्य उद्देश्य ग्रामीण निर्धन परिवारों और किसानों को उनकी पुश्तैनी संपत्ति का विधिक हक देकर आत्मनिर्भर बनाना है, वहीं दूसरी ओर प्रशासनिक मिलीभगत और रसूखदारों के दबाव में गरीबों के वैध मकानों पर बुलडोजर चलाया जा रहा है। कलेक्टर का स्टेनो हूं, कोई मेरा कुछ नहीं बिगाड़ सकता धमकी देने का आरोप शिकायत में किया गया है । वर्तमान में प्रोविजनल अवधि में पदस्थ स्टेनो गांव में यह कहकर लगातार धौंस व दबाव बनाता है कि मैं कलेक्टर का स्टेनो हूं, किसी भी मंत्री या जनप्रतिनिधि से शिकायत कर लो, मेरा कोई कुछ नहीं बिगाड़ सकता। पत्र में आरोप लगाया गया है कि इससे पहले भी ग्राम घुघवासा निवासी उमाशंकर पटेल के मकान का शौचालय तुड़वाने तथा नर्मदापुरम शहर में एक व्यक्ति के प्लॉट पर अवैध कब्जे के मामलों में भी उक्त स्टेनो का नाम सामने आ चुका है।
हर चौखट पर लगाई गुहार, पर नहीं मिला न्याय….
पीड़ित किसान भुवनेश्वर पटेल का कहना है कि उन्होंने न्याय पाने के लिए जनसुनवाई, कमिश्नर, मुख्यमंत्री हेल्पलाइन सहित सभी प्रशासनिक स्तरों पर लिखित शिकायत दर्ज कराई, लेकिन स्टेनो के प्रशासनिक रसूख के कारण अब तक कोई ठोस जांच या दंडात्मक कार्रवाई नहीं की गई।
उच्च स्तरीय जांच और दोषियों पर कार्रवाई की मांग…
पीड़ित ने आवेदन की प्रतिलिपियां मुख्यमंत्री मुख्य सचिव, प्रमुख सचिव (राजस्व), संभाग आयुक्त, कलेक्टर, स्थानीय सांसद दर्शन सिंह चौधरी तथा विधायक डॉ. सीतासरन शर्मा को भी भेजी हैं। पीड़ित किसान ने मौके पर मौजूद आरआई, पटवारी, संबंधित राजस्व अधिकारियों एवं पुलिसकर्मियों की भूमिका की जांच करने तथा दोषियों पर सख्त दंडात्मक कार्रवाई कर उसे न्याय व उचित मुआवजा दिलाने की गुहार लगाई है।

