
नर्मदापुरम / जिले की प्राथमिक कृषि साख सहकारी समिति जासलपुर में उपार्जन कार्य और सार्वजनिक वितरण प्रणाली को लेकर गंभीर अनियमितताओं के आरोप सामने आए हैं। मिली जानकारी के अनुसार, जासलपुर समिति को दो वर्ष पूर्व उपार्जन कार्य के लिए अपात्र घोषित किया गया था। इसके बावजूद वर्तमान में समिति को न केवल धान पंजीयन की अनुमति दी गई, बल्कि धान, गेहूं और मूंग उपार्जन का काम भी सौंप दिया गया।
कई दुकानों के साथ खरीदी का प्रभार….
समिति प्रबंधक रौनक जॉर्ज की कार्यप्रणाली पर सवाल उठ रहे हैं। समिति के पीडीएस विक्रेता (सेल्समैन) संदीप परसाई को एक तरफ जहां 4 उचित मूल्य (राशन) दुकानों का जिम्मा दिया गया है, वहीं दूसरी ओर उन्हें मूंग और गेहूं उपार्जन का काम भी सौंप दिया गया है। उपार्जन कार्य में व्यस्त रहने के चलते सेल्समैन खुद राशन दुकानों से नदारद रहते हैं। ग्रामीणों और हितग्राहियों का आरोप है कि चारों राशन दुकानों पर विक्रेता की जगह बाहरी और अनाधिकृत व्यक्तियों से राशन का वितरण कराया जा रहा है, जिससे सार्वजनिक वितरण प्रणाली की पारदर्शिता पर सवाल खड़े हो रहे हैं। अमानक मूंग खरीदी का पुराना विवाद गौरतलब है कि नर्मदापुरम स्थित वेयरहाउस में पूर्व में संदीप परसाई द्वारा खरीदी गई मूंग अमानक पाई गई थी, जिसे बाद में दोबारा अपग्रेड कराना पड़ा था। इस पुराने रिकॉर्ड के बावजूद उपार्जन का महत्वपूर्ण कार्य लगातार उन्हीं के सुपुर्द किए जाने से सहकारिता और खाद्य विभाग की निगरानी पर भी सवाल उठ रहे हैं। क्षेत्रवासियों ने जिला प्रशासन और खाद्य विभाग से मांग की है कि अपात्र समिति को उपार्जन कार्य सौंपने और पीडीएस सेल्समैन द्वारा बाहरी लोगों से राशन बंटवाने के पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर कड़ी कार्रवाई की जाए।

