
नर्मदापुरम / इटारसी में नगर पालिका की अतिक्रमण टीम द्वारा गुरुवार को, की गई कार्रवाई के दौरान एक गंभीर लापरवाही का मामला सामने आया है। गोवर्धन बेकरी वाली गली में कुछ पुराने स्टॉल हटाए जा रहे थे। इसी दौरान जिस स्टॉल को हटाया जा रहा था, उसके ठीक बगल में खड़ा एक अन्य पुराना स्टॉल क्षतिग्रस्त हो गया। क्षतिग्रस्त स्टॉल को हटाने की कार्रवाई नहीं की गई थी, इसके बावजूद उसमें बड़ा छेद एवं अन्य नुकसान दिखाई दे रहा है।
एडवोकेट सिद्धार्थ महेश आर्य ने सवाल उठाते हुए कहा कि अतिक्रमण हटाना प्रशासन की कार्रवाई है और नियमानुसार कार्रवाई किए जाने पर कोई आपत्ति नहीं है, लेकिन एक स्टॉल को हटाते समय बगल में रखी किसी अन्य संपत्ति को नुकसान पहुंच जाए तो उसकी जिम्मेदारी आखिर कौन लेगा?
उन्होंने कहा कि संबंधित स्टॉल पहले सिंधी कॉलोनी की चौपाटी क्षेत्र में संचालित होता था और चौपाटी हटने के बाद इसे गोवर्धन बेकरी वाली गली की ओर रखा गया था।
आर्य ने नगर पालिका प्रशासन से मांग की है कि मामले का तत्काल संज्ञान लेकर यह जांच कराई जाए कि स्टॉल किस प्रकार क्षतिग्रस्त हुआ। यदि जांच में यह पाया जाता है कि नगर पालिका की कार्रवाई के दौरान ही नुकसान हुआ है, तो जिम्मेदारी तय कर स्टॉल संचालक को उचित क्षतिपूर्ति दिलाई जाए।
“कार्रवाई नियम से हो, लेकिन किसी निर्दोष व्यक्ति की संपत्ति का नुकसान हो तो उसकी जवाबदेही भी तय हो।”
— एडवोकेट सिद्धार्थ महेश आर्य

