
नर्मदापुरम / जिला स्वास्थ्य समिति की बैठक में कलेक्टर सोमेश मिश्रा ने जिले में संचालित विभिन्न स्वास्थ्य योजनाओं एवं अभियानों की विस्तृत समीक्षा की। कलेक्टर सोमेश मिश्रा ने सिकल सेल एनीमिया के ट्रीटमेंट एवं मैनेजमेंट की विस्तृत समीक्षा करते हुए कहा कि सिकल सेल एनीमिया उन्मूलन शासन के सर्वोच्च प्राथमिकता वाले एजेंडा में सम्मिलित है। ऐसे महत्वपूर्ण अभियान में किसी भी स्तर पर लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी। कलेक्टर ने सभी विकासखंडों को सिकल सेल एनीमिया उन्मूलन अभियान पर विशेष फोकस करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि जिले में पात्र एवं लक्षित आबादी की शत-प्रतिशत स्क्रीनिंग के साथ चिन्हित मरीजों का समय पर उपचार एवं उचित प्रबंधन सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने स्वास्थ्य विभाग के मैदानी अमले को अभियान की निरंतर मॉनिटरिंग करने के निर्देश भी दिए।
बैठक के दौरान कलेक्टर ने एएनसी रजिस्ट्रेशन की विकासखंडवार स्थिति की समीक्षा की। नर्मदापुरम एवं इटारसी के सी ग्रेड में आने पर उन्होंने गहरी अप्रसन्नता व्यक्त की। उन्होंने कहा कि एएनसी रजिस्ट्रेशन जैसे महत्वपूर्ण स्वास्थ्य सूचकांक में यह स्थिति बिल्कुल भी स्वीकार्य नहीं है। कलेक्टर ने सीएमएचओ को निर्देशित किया कि सी ग्रेड वाले बीएमओ पर जुर्माना अधिरोपित किया जाए तथा बी ग्रेड वाले बीएमओ को नोटिस जारी किए जाएं।
कलेक्टर श्री मिश्रा ने एएनसी चेकअप की स्थिति की भी समीक्षा करते हुए इसमें अपेक्षित सुधार लाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि गर्भवती महिलाओं की समय पर पहचान, पंजीयन एवं नियमित स्वास्थ्य जांच सुनिश्चित करना अत्यंत महत्वपूर्ण है। उन्होंने महिला एवं बाल विकास विभाग तथा स्वास्थ्य विभाग को संयुक्त रूप से कार्ययोजना बनाकर एएनसी रजिस्ट्रेशन एवं चेकअप की प्रगति बढ़ाने के निर्देश दिए।
कलेक्टर ने बैठक में स्वास्थ्य विभाग को वेक्टर जनित रोगों से बचाव, लक्षण एवं उपचार के संबंध में व्यापक प्रचार-प्रसार करने के निर्देश दिए।
ब्लड ट्रांसफ्यूजन इंडिकेटर में एक सप्ताह में शत-प्रतिशत लक्ष्य प्राप्त करें, पूर्ण टीकाकरण के लिए माइक्रो प्लानिंग तैयार करें
बैठक के दौरान ब्लड ट्रांसफ्यूजन अगेंस्ट आइडेंटिकल सीवियर एनेमिएक पेशेंट इंडिकेटर की समीक्षा करते हुए कलेक्टर ने संबंधित अधिकारियों को निर्देशित किया कि इस इंडिकेटर में शत-प्रतिशत लक्ष्य प्राप्त किया जाए। उन्होंने वर्तमान स्थिति में एक सप्ताह के भीतर सुधार लाने के निर्देश दिए। कलेक्टर ने स्पष्ट कहा कि शत-प्रतिशत लक्ष्य प्राप्ति से कम स्थिति बिल्कुल भी स्वीकार्य नहीं होगी।
कलेक्टर श्री मिश्रा ने जिले में पूर्ण टीकाकरण की स्थिति की भी समीक्षा की। उन्होंने कहा कि निर्धारित लक्ष्य प्राप्त करने के लिए स्वास्थ्य विभाग के जमीनी अमले को पूरी तरह सक्रिय किया जाए। उन्होंने निर्देश दिए कि छूटे हुए एवं टीकाकरण से वंचित बच्चों को चिन्हित करते हुए माइक्रो प्लानिंग तैयार की जाए और अभियान चलाकर टीकाकरण सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने अधिकारियों को आगामी 15 दिनों में स्पष्ट प्रगति दर्ज करने के निर्देश दिए। कलेक्टर ने कहा कि 15 दिवस पश्चात पूर्ण टीकाकरण की पुनः समीक्षा की जाएगी। यदि समीक्षा के दौरान अपेक्षित प्रगति परिलक्षित नहीं हुई तो संबंधित अधिकारियों के विरुद्ध आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।
कलेक्टर सोमेश मिश्रा ने जिले में हाइपरटेंशन एवं डायबिटीज की स्क्रीनिंग, उपचार एवं कंट्रोल रेट की स्थिति की समीक्षा की। उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि निर्धारित लक्ष्य के अनुरूप अधिक से अधिक लोगों की स्क्रीनिंग सुनिश्चित करते हुए उपचार एवं कंट्रोल रेट में शत-प्रतिशत लक्ष्य प्राप्त किया जाए। कलेक्टर श्री मिश्रा ने कहा कि हाइपरटेंशन एवं डायबिटीज जैसी गैर-संचारी बीमारियों की समय पर पहचान और नियमित उपचार बेहद महत्वपूर्ण है। उन्होंने स्वास्थ्य विभाग के मैदानी अमले को सक्रिय करते हुए पात्र एवं चिन्हित व्यक्तियों की नियमित स्क्रीनिंग कराने तथा उपचाररत मरीजों की सतत निगरानी सुनिश्चित करने के निर्देश दिए, ताकि कंट्रोल रेट में अपेक्षित सुधार लाया जा सके।
बैठक में कलेक्टर ने जिले में टीबी मरीजों को उपलब्ध कराए जा रहे फूड बास्केट वितरण की भी समीक्षा की। उन्होंने निर्देश दिए कि वर्तमान स्थिति में सुधार करते हुए टीबी मरीजों को फूड बास्केट का शत-प्रतिशत वितरण सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने कहा कि किसी भी पात्र मरीज को योजना के लाभ से वंचित नहीं रहना चाहिए। कलेक्टर ने संबंधित अधिकारियों को निर्देशित किया कि टीबी मरीजों की नियमित मॉनिटरिंग के साथ-साथ फूड बास्केट वितरण की भी सतत समीक्षा की जाए। उन्होंने कहा कि निर्धारित लक्ष्यों की पूर्ति में किसी भी प्रकार की कमी नहीं रहनी चाहिए।
बैठक में मैटरनल डेथ रिपोर्टिंग सिस्टम (एमडीएसआर) सॉफ्टवेयर में दर्ज आंकड़ों की विकासखंडवार समीक्षा की गई। कलेक्टर श्री मिश्रा ने मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी को निर्देशित किया कि सभी मातृ मृत्यु के मामलों की विस्तृत जांच कर मृत्यु के वास्तविक कारणों का पता लगाया जाए तथा प्रत्येक प्रकरण का विश्लेषण कर अपने अभिमत सहित रिपोर्ट प्रस्तुत की जाए। कलेक्टर ने कहा कि जिले में मातृ मृत्यु की संख्या को शून्य करने के लिए प्रभावी प्रयास किए जाएं। गर्भवती महिलाओं की नियमित जांच, समय पर उपचार एवं आवश्यक स्वास्थ्य सेवाओं की उपलब्धता सुनिश्चित करने के साथ ही हाई रिस्क प्रेग्नेंसी के मामलों की विशेष निगरानी की जाए।
कलेक्टर ने स्वास्थ्य विभाग के विभिन्न स्वास्थ्य इंडिकेटर्स की समीक्षा करते हुए कहा कि जिन इंडिकेटर्स में जिले की स्थिति अपेक्षाकृत खराब है, उनमें विभाग द्वारा तत्काल सुधार किया जाए। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को लक्ष्य आधारित कार्ययोजना बनाकर मैदानी स्तर पर उसका प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि स्वास्थ्य योजनाओं एवं अभियानों का लाभ पात्र हितग्राहियों तक समय पर पहुंचे, इसके लिए अधिकारियों द्वारा नियमित मॉनिटरिंग की जाए। कलेक्टर ने स्पष्ट किया कि स्वास्थ्य सेवाओं के प्रमुख इंडिकेटर्स में सुधार और निर्धारित लक्ष्यों की शत-प्रतिशत प्राप्ति विभाग की प्राथमिकता होनी चाहिए।

