
नर्मदापुरम / मध्य प्रदेश के बैतूल जिले का एक छोटा सा गांव बरसाली अब देश के पर्यटन और विज्ञान मानचित्र पर एक बड़ी पहचान बनने जा रहा है। सतपुड़ा की सुंदर वादियों में, बैतूल-आमला मार्ग पर लगभग 16 किलोमीटर दूर स्थित बरसाली गांव की भारत के सटीक अक्षांशीय हाफ वे (लैटीट्यूडनल हाफवे) के रूप में पहचान की गई है। नेशनल अवार्ड प्राप्त खगोल विज्ञान प्रसारक सारिका घारू द्वारा दो विशेष वीडियो तैयार किये गये हैं । सारिका ने बताया कि कलेक्टर डॉ. सौरभ संजय सोनवणे के उत्प्रेरण से उन्होंने इसे स्वयं के व्यय पर बनाया है । इनमें बरसाली के खगोलीय महत्व को रेखांकित करते हुए देश-दुनिया के पर्यटकों से यहाँ आने की अपील की गई है।
खगोल विज्ञान प्रसारक सारिका घारू के अनुसार, भारत के सुदूर उत्तरी बिंदु लद्दाख का इंदिरा कोल और सुदूर दक्षिणी बिंदु ग्रेट निकोबार का इंदिरा पॉइंट के अक्षांशों का यदि बिल्कुल आधा किया जाए, तो वह सटीक गणितीय मध्य बिंदु 21 डिग्री, 55 मिनट, 05 सेकंड उत्तरी अक्षांश आता है। बरसाली गांव बिल्कुल इसी अक्षांश रेखा पर बसा हुआ है। यह वैज्ञानिक गणना प्रमाणित करती है कि बरसाली भारत का लेटिट्यूडनल हाफ वे है। इसके अतिरिक्त, पारंपरिक रूप से भी इस क्षेत्र को अखंड भारत का केंद्र माना जाता रहा है।
कलेक्टर डॉ. सौरभ संजय सोनवणे के मार्गदर्शन में सारिका घारू द्वारा तैयार इन दो वीडियो में बरसाली के साथ-साथ बैतूल जिले की पूरी पर्यटन क्षमता को समेटा गया है।
सारिका ने कहा कि इस पहल का उद्देश्य केवल बरसाली ही नहीं, बल्कि बैतूल के अन्य प्रमुख स्थलों को भी एक सूत्र में पिरोना है।

