
नर्मदापुरम / खेलों से जीवन में एकाग्रता और अनुशासन तो आता ही है, साथ ही खिलाड़ी व्यक्ति सामान्य व्यक्तियों से हर क्षेत्र में एक कदम आगे होता है। खेल व्यक्ति के जीवन में निखार देता है। हरेक बच्चे को जीवन में किसी न किसी खेल को अवश्य अपनाना चाहिए। यह बात मध्यप्रदेश तेराकी संघ के प्रदेश अध्यक्ष श्री शर्मा ने मंगलवार को समेरिटंस विद्यालय में खेल दिवस के उपलक्ष्य में आयोजित एक कार्यक्रम में कही। कार्यक्रम में संस्था के डायरेक्टर डाॅ. आशुतोष कुमार शर्मा, प्राचार्य श्रीमती प्रेरणा रावत, आरके रघुवंशी, विक्रांत खम्परिया विशेष रूप से उपस्थित रहे।
श्री शर्मा ने बच्चों को संबोधित करते हुए कहा कि हाॅकी के जादूगर मेजर ध्यानचंद हमारे देश की शान थे। उनके जीवन के कई किस्से हमने सुने और पढ़े हैं। उनके कारण आज भी हाॅकी में हमारे देश का नाम सम्मान से लिया जाता है। उन्होंने कहा कि विद्यालय में हम प्रतिदिन कुछ न कुछ नया सीखते हैं, लेकिन जीवन भी हमें बहुत कुछ सिखाता है। यदि जीवन में आगे बढ़ना है तो हमें समय का पाबंद बनना होगा। समयबद्धता से कभी समझौता नहीं करना चाहिए। यदि समझौता करना हो तो अपनी नींद और आराम से कीजिए। आपको कहीं जाना है तो आप समय से पूर्व उठिए और समय पर पहुंचिए। यह एक आदत ही आपको जीवन में सफलता प्रदान कर सकती है।
कार्यक्रम के प्रारंभ में खेल प्रभारी सचिन खम्परिया ने बताया कि ध्यानचंद जी की जयंती 29 अगस्त को हम खेल दिवस के रूप में हर साल मनाते हैं, लेकिन इस बार लगातार अवकाश होने के कारण हम चार दिन पहले ही खेल दिवस के उपलक्ष्य में यह कार्यक्रम आयोजित कर रहे हैं।
उन्होंने विद्यालय में हुई खेल गतिविधियों का विवरण प्रस्तुत किया और उपलब्धियों की जानकारी दी। आरंभ में मुख्य अतिथि पं. शर्मा ने मेजर ध्यानचंद के चित्र पर माल्यार्पण कर दीप प्रज्ज्वलित किया। कार्यक्रम में बच्चों ने शानदार सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत किए। कार्यक्रम के अंत में पं. शर्मा को स्मृति चिह्न भेंटकर सम्मानित किया गया। कार्यक्रम का संचालन साहित्यकार प्रमोद शर्मा ने किया जबकि आभार शिक्षिका प्रिया मीना ने किया।

