
नर्मदापुरम / श्रद्धालु आज भौम प्रदोष व्रत रखेंगे। भौम प्रदोष व्रत भगवान शिव और मंगल ग्रह को समर्पित एक पवित्र उपवास है, जो त्रयोदशी तिथि मंगलवार के दिन पड़ने पर रखा जाता है। यह व्रत कर्ज मुक्ति, मंगल दोष शांति और अच्छे स्वास्थ्य के लिए किया जाता है।
महत्व और लाभ
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कर्ज से मुक्ति:
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इस दिन शिव-पार्वती की पूजा करने से आर्थिक तंगी और ऋण से छुटकारा मिलता है।
मंगल दोष निवारण:
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कुंडली में मंगल के बुरे प्रभाव शांत होते हैं।
बल और साहस:
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हनुमान जी की भी पूजा करने से शत्रुओं पर विजय मिलती है।
पूजन विधि
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समय:
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सूर्यास्त के बाद का प्रदोष काल पूजा के लिए सबसे उत्तम माना जाता है।
अभिषेक:
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शिवलिंग पर गंगाजल, बेलपत्र, अक्षत, और श्वेत पुष्प अर्पित करें।पाठ: शिव चालीसा या महामृत्युंजय मंत्र का जप करें। (संकलन – प्रीति चौहान)

