
नर्मदापुरम / हमारे द्वारा “सत्य की आवाज़” पर प्रकाशित खबर का हुआ असर………
जिला चिकित्सालय की लचर कार्यप्रणाली के कारण पिछले दो वर्षों से दिव्यांग प्रमाण-पत्र के लिए भटक रहे 6 वर्षीय मूक-बधिर बालक कार्तिक अहिरवार को आखिरकार न्याय मिल गया। मीडिया द्वारा मामले को प्रमुखता से उठाए जाने, क्षेत्रीय विधायक डॉ. सीताशरण शर्मा की फटकार और कलेक्टर सोमेश मिश्रा के सख्त निर्देशों के बाद स्वास्थ्य विभाग हरकत में आया और मात्र 4 दिनों के भीतर बच्चे का प्रमाण-पत्र जारी कर दिया गया।
क्या था मामला…..
इटारसी तहसील के ग्राम बेलावाड़ा (पोस्ट रायपुर) निवासी रामकृष्ण अहिरवार एक गरीब और आर्थिक रूप से कमजोर परिवार से आते हैं। मेहनत-मजदूरी कर वे अपने 6 वर्षीय मूक-बधिर बेटे कार्तिक का अकेले ही पालन-पोषण कर रहे हैं, क्योंकि बच्चे की माँ का पहले ही देहांत हो चुका है। शासकीय योजनाओं का लाभ दिलाने के उद्देश्य से वे बीते दो सालों से जिला चिकित्सालय और पुनर्वास (समर्पण) केंद्र के लगातार चक्कर काट रहे थे।
इस दौरान अस्पताल कर्मचारियों और डॉक्टरों द्वारा उन्हें केवल एक टेबल से दूसरी टेबल पर दौड़ाया जा रहा था। यहाँ तक कि विधायक का अनुशंसा पत्र दिखाने के बावजूद डॉक्टरों ने प्रमाण-पत्र बनाने से मना कर दिया और जांच के नाम पर भोपाल जाने की बात कहकर पल्ला झाड़ लिया था।
खबर का असर….
फोन लगाकर पिता को बुलाया और सौंपा सर्टिफिकेट….
इस लापरवाही की खबर प्रमुखता से प्रकाशित होने के बाद विधायक डॉ. सीताशरण शर्मा ने कड़ा रुख अपनाया और प्रशासन को फटकार लगाई। इसके बाद कलेक्टर के आदेश पर सोमवार (24 अगस्त 2026) को अस्पताल प्रबंधन ने स्वयं पिता को फोन कर बुलाया और बालक का दिव्यांग प्रमाण-पत्र सौंपा।
प्रमाण-पत्र (सर्टिफिकेट) से जुड़ी मुख्य जानकारियाँ……
प्रमाण-पत्र क्रमांक 534 (दिनांक: 24/08/2026)
जारीकर्ता कार्यालय सिविल सर्जन सह मुख्य अस्पताल अधीक्षक / मेडिकल बोर्ड, जिला चिकित्सालय नर्मदापुरम बालक का नाम व आयु कार्तिक अहिरवार (आयु: 6 वर्ष) पिता का नाम रामकृष्ण अहिरवार पता ग्राम बेलावाड़ा, पोस्ट रायपुर, इटारसी, नर्मदापुरम (होशंगाबाद)।
दिव्यांगता की श्रेणी वाक्–श्रवण (Mute & Deaf) दिव्यांगता का प्रतिशत 100% (Hundred Percent)अन्य टिप्पणी BERA टेस्ट की अनुशंसा एवं 2 वर्ष की अवधि के बाद पुनः जांच (Review) का उल्लेख। पिता ने जताया आभार प्रमाण-पत्र प्राप्त होने के बाद बालक के पिता रामकृष्ण अहिरवार ने मीडिया, विधायक डॉ. सीताशरण शर्मा और कलेक्टर सोमेश मिश्रा के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि मीडिया के सहयोग और जनप्रतिनिधियों के हस्तक्षेप से ही आज एक गरीब बेबस पिता और उसके दिव्यांग बच्चे की सुनवाई हो सकी है।

