
नर्मदापुरम / सिवनी मालवा / जिले की अंतिम सीमा से जुड़े आदिवासी अंचल के ग्रामीण क्षेत्रों में आवागमन का प्रमुख साधन रही एकमात्र गोल्डन बस पिछले कई महीनों से बंद पड़ी है। बस सेवा बंद होने से बारासेल, नापूपुरा भामंदा, घोघरा, पीपलगोटा, नयागांव ,गोटावरी, नंदरवाड़ा और भामेड़ी सहित आसपास के गांवों के ग्रामीणों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
ग्रामीणों ने बताया कि इन क्षेत्रों से आने-जाने के लिए सार्वजनिक परिवहन की सुविधा बेहद सीमित है। गोल्डन बस के बंद होने के कारण ग्रामीणों को मजबूरी में मोटरसाइकिल से सफर करना पड़ रहा है। कई बार एक ही मोटरसाइकिल पर तीन लोग और साथ में जरूरी सामान लेकर जोखिम भरा सफर करना पड़ता है।
नापूपुरा निवासी राजेश परते, रीना चौहान, करीना चौहान तथा पंछी ग्राम निवासी रामकरण कलमे ने बताया कि बस बंद होने से रोजमर्रा के काम, बाजार, अस्पताल, स्कूल-कॉलेज और अन्य जरूरी कार्यों के लिए आने-जाने में काफी दिक्कत हो रही है। ग्रामीणों का कहना है कि क्षेत्र में नियमित सरकारी बस सेवा शुरू होने से आदिवासी अंचल के लोगों को बड़ी राहत मिलेगी।
ग्रामीणों ने शासन-प्रशासन से जल्द से जल्द बस सेवा पुनः शुरू कराने तथा नियमित सरकारी बस संचालन की मांग की है, ताकि जिले के अंतिम छोर पर बसे आदिवासी गांवों के लोगों को आवागमन की सुविधा सुचारू रूप से मिल सके।

