


नर्मदापुरम / महिला एवं बाल विकास विभाग अंतर्गत ‘जन विश्वास अभियान’ के तहत किए गए औचक निरीक्षण में भारी अनियमितताएं और गंभीर लापरवाही उजागर होने पर पर्यवेक्षक को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है। यह आदेश महिला एवं बाल विकास, मध्य प्रदेश की आयुक्त निधि निवेदिता द्वारा जारी किया गया। निरीक्षण में खुली पोल: मौके पर कुछ नहीं, ऐप में सब दर्ज आदेश के अनुसार, 7 अगस्त 2026 को नर्मदापुरम ग्रामीण परियोजना के अंतर्गत आंगनवाड़ी केंद्र बरखेड़ी का निरीक्षण किया गया था, इस दौरान कई चौंकाने वाली गड़बड़ियां सामने आईं। THR (रेडी टू ईट) का फर्जी वितरण केंद्र में टी.एच.आर. (THR) उपलब्ध नहीं होने के बावजूद पोषण ट्रैकर ऐप में FRS प्रक्रिया के तहत 90% से अधिक हितग्राहियों को 21 दिन से अधिक का वितरण दर्ज किया जा रहा था। बच्चों की उपस्थिति में हेरफेर केंद्र में 3 से 6 वर्ष के कुल 26 पंजीकृत बच्चों में से हर महीने 16 बच्चों को 21 दिन से अधिक नाश्ता व पका भोजन देना दिखाया जा रहा था, जबकि निरीक्षण के समय मौके पर केवल 9 बच्चे मिले (जिनमें से 3 बच्चे इस आयु वर्ग के थे ही नहीं)। सुविधाओं की झूठी रिपोर्टिंग ‘सक्षम आंगनवाड़ी’ योजना के तहत दी जाने वाली टेबल-कुर्सी केंद्र में मौजूद नहीं थी। साथ ही वाटर हार्वेस्टिंग और पोषण वाटिका की स्थापना न होने के बाद भी ऐप में इनकी गलत जानकारी दर्ज की गई थी।
कर्तव्य में घोर लापरवाही पर गिरी निलंबन की गाज….
पर्यवेक्षक श्रीमती आशा भदौरिया द्वारा आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं द्वारा पोषण ट्रैकर में दर्ज की जा रही गलत जानकारी की कोई मॉनिटरिंग नहीं की जा रही थी। इसे कर्तव्य के प्रति घोर लापरवाही, उदासीनता और अनुशासनहीनता मानते हुए आयुक्त द्वारा उन्हें मध्य प्रदेश सिविल सेवा (वर्गीकरण, नियंत्रण तथा अपील) नियम-1966 के नियम-9 के तहत तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है। मुख्यालय व आगामी कार्रवाई निलंबन अवधि के दौरान श्रीमती आशा भदौरिया का मुख्यालय कार्यालय संभागीय संयुक्त संचालक, महिला एवं बाल विकास, नर्मदापुरम संभाग नियत किया गया है। उन्हें नियमानुसार जीवन निर्वाह भत्ता देय होगा।

