
नर्मदापुरम / शासकीय स्कूलों में शिक्षकों और कर्मचारियों जिनमें चतुर्थ वर्ग श्रेणी के कर्मचारी भी शामिल है कि भारी कमी के बावजूद उन्हें प्रशासनिक दफ्तरों में अटैच किया गया है। नियम को ताक पर रखकर कलेक्ट्रेट और एसडीएम कार्यालय में अटैच किया गया है। मामले को लेकर जागरूक नागरिकों ने कलेक्टर, संभागायुक्त और उच्च शिक्षा आयुक्त से लिखित शिकायत दर्ज कराई है। इसके साथ ही वीडियो भी लोगों के पास सुरक्षित है। वहीं कॉल डिटेल भी खंगाली जाए तो इन चीजों का खुलासा हो सकता है। कन्या शाला और माध्यमिक विद्यालय में महिला कर्मचारियों व सहयोगियों की सख्त जरूरत होती है। इसके बावजूद कर्मचारियों को कलेक्ट्रेट कार्यालय में अटैच कर रखा है। कन्या शाला के अलावा अन्य विद्यालय में भी कर्मचारियों के न होने से दैनिक कामकाज प्रभावित हो रही हैं। वहीं माध्यमिक शाला मालाखेड़ी में शिक्षक सीमा शर्मा को अटैक किया है । उक्त आदेश में स्पष्ट लिखा है कि 2 घंटे बच्चों की पढ़ाई करना है बाकी पूरे टाइम एसडीएम कार्यालय में सेवा देना है, यह कौन सा नियम है और किसके कहने से लिखा है यह जांच का विषय है। आदेश किसने दिया और किसके कहने से दिया यह जांच का विषय है।
शिक्षक का वीडियो वायरल….
एस एन जी स्कूल का शिक्षक अमित श्रीवास्तव भूगोल विषय के 8 साल से व्याख्याता हैं एवं एसडीएम कार्यालय में सेवा दे रहे हैं । अटेंडेंट लगा देते हैं, बाकी समय एसडीएम कार्यालय में काम कर रहे हैं । इनके मोबाइल की पूरी कॉल डिटेल चेक की जाए और कलेक्ट्रेट में यहां जो सीसीटीवी कैमरे लगे हैं, उसमें भी यह चेक किया जाए। वहां बकायदा कुर्सी पर बैठकर कामकाज कर रहे हैं। शिक्षक की लोकेशन एसडीएम कार्यालय कलेक्ट्रेट के आसपास की निकाली जाए तो सच्चाई उजागर हो सकती है।
शिक्षकों को किया अटैच….
शासकीय माध्यमिक शाला हायर सेकेंडरी स्कूल मालाखेड़ी में सीमा शर्मा की मनमानी है। मालाखेड़ी स्कूल में पहले से ही शिक्षकों की भारी कमी है। इसके बावजूद यहां पदस्थ शिक्षिका सीमा शर्मा को एसडीएम कार्यालय में तैनात कर दिया गया है। शासकीय एस.एन.जी. स्कूल में 10 मिनट में हाजिरी लगाकर रवानगी हो जाती है। शासकीय एस.एन.जी. स्कूल में प्राचार्य की मिलीभगत से पूरा खेल चल रहा है। यहां पदस्थ एक शिक्षक रोज सुबह 11 बजे स्कूल आते हैं, हाजिरी दर्ज कराते हैं और एसडीएम कार्यालय में बाबूगिरी करने निकल जाते हैं। बताया जाता है कि यह शिक्षक पूर्व में भी कई स्कूलों में विवादित रहे हैं और प्रशासनिक सांठगांठ के दम पर लगातार गैर-शैक्षणिक कार्य कर रहे हैं।
गैर शैक्षणिक कार्यों में न लगें शिक्षक….
शासन के स्पष्ट आदेश हैं कि शिक्षकों को गैर-शैक्षणिक कार्यों में न लगाया जाए। इसके बावजूद दफ्तरों में बैठाए हुए हैं। शिक्षक उपस्थिति दर्ज कराने स्कूल आते हैं ताकि वेतन न रुके और कानूनी कार्रवाई से बचा जा सके। नागरिकों ने मांग की है कि तत्काल अटैचमेंट रद्द हो कलेक्ट्रेट और एसडीएम कार्यालय में किए गए सभी अटैचमेंट तुरंत निरस्त कर शिक्षकों को मूल पदस्थापना वाले स्कूलों में भेजा जाए।
आयुक्त ने किया था निरीक्षण दिए थे निर्देश….
वहीं शुक्रवार को शहर में आयुक्त लोक शिक्षण संचनालय पहुंचे थे। निरीक्षण करने हुए उन्होंने सख्त निर्देश दिए है कि किसी भी स्कूल में कोई भी शिक्षक शिक्षिका का यदि अटैचमेंट पाया गया तो संबंधित प्राचार्य और उक्त अधिकारी के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी
इनका कहना है….
हमने लगभग सभी शिक्षकों का अटैचमेंट समाप्त कर स्कूलों में भेज दिया है। जनगणना के बाद और इसके पहले जो शिक्षक अटैक थे वह स्कूल पहुंच गए । वहीं चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी यदि कोई स्कूल के अलावा किसी कार्यालय में अटैच है तो उसे पर भी कार्यवाही जल्द होगी।
एलएन प्रजापति,
जिला शिक्षा अधिकारी, नर्मदापुरम।

