
नर्मदापुरम / “विद्या दान सबसे बड़ा दान है” इस मंत्र को जीवन में उतारते हुए अधिवक्ता योगेश कुरापा ने अपने जन्मदिवस के अवसर पर एक अनुकरणीय पहल की है। श्री कुरापा ने जिला अधिवक्ता संघ के ग्रंथालय को समृद्ध बनाने के उद्देश्य से विधि से संबंधित पांच महत्वपूर्ण पुस्तकें दान करने का संकल्प लिया। इस अवसर पर उन्होंने जिला अधिवक्ता संघ के ग्रंथपाल सौरभ तिवारी और सहसचिव सी के कुरापा को कार्यालय बुलाकर पुस्तकें भेंट करने का वचन दिया। श्री कुरापा ने कहा कि ग्रंथालय को उपयोगी और समृद्ध बनाना समय की आवश्यकता है ताकि युवा विधि छात्र और अधिवक्ता इसका अधिक से अधिक लाभ ले सकें।
श्री कुरापा ने कहा कि ज्ञान बांटने से बढ़ता है। एक व्यक्ति के प्रयास से ही संस्था मजबूत होती है। इसी सोच के साथ उन्होंने यह कदम उठाया है। उनका मानना है कि अद्यतन पुस्तकों की उपलब्धता से वकालत के क्षेत्र में नई पीढ़ी को बेहतर मार्गदर्शन मिलेगा। उन्होंने जिला अधिवक्ता संघ के सभी सदस्यों से भी अपील की कि वे अपने जन्मदिन व अन्य अवसरों पर कम से कम एक पुस्तक दान स्वरूप ग्रंथालय को अवश्य दें। इससे ग्रंथालय का संग्रह बढ़ेगा और सभी के लिए पठन-पाठन की सुविधा बेहतर होगी। अधिवक्ता संघ ने इस पहल की सराहना की है। इस दौरान अधिवक्ता मनोज यादव, अनुराग दुबे, अनुराग दीक्षित, अजय शर्मा, प्रशांत राजपूत व योगेन्द्र चंचल, गौरव दुबे आदि मौजूद रहे।

