
नर्मदापुरम / मुंशी प्रेमचंद जयंती हर साल 31 जुलाई को मनाई जाती है। हिंदी साहित्य के ‘उपन्यास सम्राट’ धनपत राय श्रीवास्तव (मुंशी प्रेमचंद) का जन्म 31 जुलाई 1880 को वाराणसी के लमही गांव में हुआ था। वे अपनी यथार्थवादी, समाज-सुधारक और आम आदमी की पीड़ा को दर्शाने वाली रचनाओं के लिए जाने जाते हैं।
प्रमुख साहित्यिक योगदान
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प्रेमचंद जी ने लगभग 15 उपन्यास और 300 से अधिक कहानियाँ लिखीं।उनकी कुछ सबसे प्रसिद्ध कृतियाँ निम्नलिखित हैं:
उपन्यास: गोदान, गबन, सेवासदन, निर्मला, रंगभूमि, कर्मभूमि
कहानियाँ: कफन, पूस की रात, पंच परमेश्वर, बड़े घर की बेटी, दो बैलों की कथा
जयंती समारोह
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इस दिन देश भर के स्कूलों, कॉलेजों और साहित्य प्रेमियों द्वारा उनकी जयंती (या प्रेमचंद जयंती) पर विशेष कार्यक्रम आयोजित किए जाते हैं। इन आयोजनों में उनकी कहानियों का नाट्य मंचन, निबंध लेखन प्रतियोगिताएं और उनके विचारों पर चर्चा शामिल होती है। (संकलन- प्रीति चौहान)

