
नर्मदापुरम / प्रदेश में औद्योगीकरण एवं निर्माण गतिविधियों के निरंतर विस्तार के साथ औद्योगिक प्रतिष्ठानों एवं निर्माण कार्यों में सुरक्षा मानकों तथा वैधानिक प्रावधानों का पालन सुनिश्चित करने के उद्देश्य से शासन द्वारा जनसहभागिता आधारित “श्रम प्रहरी” पहल प्रारंभ की गई है। इस पहल का उद्देश्य अपंजीकृत अथवा असुरक्षित रूप से संचालित औद्योगिक प्रतिष्ठानों एवं निर्माण कार्यों की पहचान कर श्रमिकों, स्थानीय समुदाय तथा पर्यावरण की सुरक्षा सुनिश्चित करना है। श्रम विभाग द्वारा रजिस्टर्ड एमएएच (MAH) इकाइयों, फैक्टरियों एवं निर्माण कार्यों से संबंधित जियो-टैग की गई जानकारी सार्वजनिक की गई है, जिससे नागरिक बिना पंजीकरण वाले कार्यों एवं सुरक्षा मानकों का पालन नहीं करने वाले प्रतिष्ठानों की पहचान कर विभाग को इसकी सूचना दे सकें। इससे औद्योगिक इकाइयों के पंजीकरण एवं सुरक्षा मानकों के अनुपालन की प्रभावी निगरानी सुनिश्चित की जा सकेगी।
नागरिक अपंजीकृत औद्योगिक प्रतिष्ठानों, निर्माण कार्यों अथवा सुरक्षा मानकों के उल्लंघन की जानकारी श्रम विभाग के टोल-फ्री नंबर 1800-233-8888 अथवा ई-मेल commlab@nic.in पर उपलब्ध करा सकते हैं। शासन ने प्रदेशवासियों से “श्रम प्रहरी” के रूप में आगे आने का आह्वान किया है। जनसहभागिता से औद्योगिक प्रतिष्ठानों में ‘हर्ट-फ्री डेज़ काउंटर’ (चोट-मुक्त दिनों की गिनती) जैसी सुरक्षा व्यवस्थाओं को भी प्रभावी ढंग से लागू करने में सहायता मिलेगी। औद्योगिक स्वास्थ्य एवं सुरक्षा तथा भवन एवं अन्य संनिर्माण कर्मकार मंडल द्वारा प्राप्त शिकायतों एवं सूचनाओं पर विधिक प्रावधानों के तहत 10 कार्य दिवस के भीतर आवश्यक कार्रवाई की जाएगी। साथ ही, सूचना देने वाले व्यक्ति की पहचान, यदि वह गोपनीय रखने का अनुरोध करता है, तो पूर्णतः गोपनीय रखी जाएगी।

