

इटारसी / बाजार क्षेत्र स्थित तालाब के समीप मनिहारी (बिंदी, चूड़ी आदि) का व्यवसाय करने वाली श्रीमती लीला बाई ने आरोप लगाया है कि नगर पालिका द्वारा उनकी दुकान पर कार्रवाई करते हुए उसे जेसीबी से हटा दिया गया। महिला का कहना है कि वह पिछले लगभग 16 वर्षों से उक्त स्थान पर व्यवसाय कर अपने परिवार का भरण-पोषण कर रही हैं तथा उनके पास नगर पालिका द्वारा जारी तहबाजारी/पंजीयन से संबंधित दस्तावेज भी उपलब्ध हैं।
महिला का कहना है कि कार्रवाई से पूर्व उन्हें कोई लिखित नोटिस या सुनवाई का अवसर नहीं दिया गया तथा कार्रवाई के दौरान उनकी दुकान एवं उसमें रखा सामान भी क्षतिग्रस्त हो गया, जिससे उन्हें आर्थिक नुकसान हुआ। उन्होंने यह भी दावा किया है कि आसपास अन्य दुकानें भी संचालित हो रही थीं।
इस संबंध में अधिवक्ता एवं सामाजिक कार्यकर्ता सिद्धार्थ महेश आर्य ने कहा कि यदि किसी प्रकार की कार्रवाई की गई है, तो वह पूर्णतः विधि एवं निर्धारित प्रक्रिया के अनुरूप होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि प्रकरण में सामने आए तथ्यों की निष्पक्ष जांच आवश्यक है, ताकि वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो सके और यदि किसी पक्ष के साथ अन्याय हुआ है तो उसे न्याय मिल सके।
श्री आर्य ने बताया कि इस संबंध में जिला कलेक्टर एवं अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व) को जनसुनवाई के माध्यम से आवेदन प्रस्तुत कर निष्पक्ष जांच, संबंधित अभिलेखों की जांच तथा आवश्यक विधिक कार्रवाई की मांग की जाएगी।
उन्होंने कहा कि प्रशासन द्वारा की जाने वाली प्रत्येक कार्रवाई कानून के अनुरूप, पारदर्शी एवं समान रूप से होना लोकतांत्रिक व्यवस्था की मूल भावना है। यदि जांच में किसी प्रकार की अनियमितता सामने आती है तो संबंधित पीड़ित को विधि अनुसार राहत प्रदान की जानी चाहिए।
— अधिवक्ता सिद्धार्थ महेश आर्य,
सामाजिक कार्यकर्ता, इटारसी।

