



नर्मदापुरम / शहर में पुलिस द्वारा सोमवार सुबह से ही जगह-जगह बेरिकेटिंग लगाकर रोका, किया नजरबंद, लगभग 40 किसान नेता हुए नजरबंद। हरदा, सिवनी, पिपरिया, सोहागपुर, बनखेड़ी, बाबई, हर जगह पाइंट लगाकर रोका। भोपाल तिराहे पर किसान नेताओं को रिहा करने की मांग पर अड़े छोड़ा फिर आगे बढ़े, बुधनी में रुकेंगे रात, संयुक्त किसान मोर्चा का कहना है दबाई जा रही किसानों की आवाज। संयुक्त किसान मोर्चा के तत्वावधान में सोमवार को लगभग 13 संगठनों के पदाधिकारियों, सदस्यों और किसान भोपाल कूच करने सेठानी घाट पर इकट्ठा हुए। किसान मूंग खरीदी और ई टोकन व्यवस्था में सुधार सहित अन्य मांगों को लेकर धरना प्रदर्शन कर रहे हैं। सोमवार को भोपाल कूच करने की रणनीति बनाई गई लेकिन शासन प्रशासन ने किसानों को जाने से रोका और कई किसान संगठनों के नेताओं को नजर बंद किया। उन्हें हिरासत में लिया गया। इसके साथ ही हरदा, सिवनी, सोहागपुर, पिपरिया, बनखेड़ी, माखन नगर सहित जगह-जगह से आए किसानों को रास्ते में रोका गया । सुबह से ही किसान सेठानी घाट पर पहुंचने लगे थे। इस दौरान किसान नेताओं को नजर बंद किया और किसानों को आगे बढ़ने से रोका। किसानों को अस्थाई जेल में भी रखा गया। इस दौरान भारी संख्या में पुलिस बल तैनात था। सेठानी घाट पर किसानों ने सरकार की सद्बुद्धि के लिए सत्यनारायण की कथा कराई । वहीं जमकर बैठ गए और सरकार के विरुद्ध जमकर नारेबाजी की। भारी संख्या में ट्रैक्टर ट्राली से किसान पहुंचे। जगह-जगह गाड़ियां खड़ी की बेरिकेटिंग लगाकर रोका गया। ज्ञात हो कि इसके पहले एसपी, कलेक्टर के साथ बैठक कर मुख्यमंत्री से मिलने का समय मांगा लेकिन मुख्यमंत्री से मुलाकात नहीं होने से सोमवार को किसान एकजुट हो गए । अस्थाई जेल में भी कई किसानों को रखा गया ज्ञात हो कि समर्थन मूल्य पर सौ फीसदी मूंग खरीदी, खाद वितरण में ई टोकन व्यवस्था पर सुधार, मंडी अधिनियम को सख्ती से लागू करने और फसल बीमा की क्षतिपूर्ति देने सहित अन्य मांगों को लेकर किसान संगठनों का धरना प्रदर्शन पिछले कई दिनों से चल रहा था। इसको लेकर संयुक्त किसान मोर्चा की एक बैठक आयोजित की गई जिसमें भोपाल सीएम हाउस घेरने की रणनीति बनाई गई थी। बैठक में मुख्यमंत्री से मुलाकात सहित अन्य बातों पर सहमति बनी थी, जिसको लेकर प्रशासन ने रविवार को किसान संगठनों के एक-एक प्रतिनिधि के प्रतिनिधि मंडल को मुख्यमंत्री से मिलाने की बात कही थी । लेकिन मुख्यमंत्री के दिल्ली रवाना होने के चलते यह बैठक नहीं हो पाई। इस दौरान भारतीय किसान यूनियन, क्रांतिकारी मजदूर किसान संगठन, राष्ट्रीय किसान मजदूर महासंघ, राष्ट्रीय किसान मजदूर संघ सहित लगभग 13 संगठनों के प्रतिनिधि भी मौजूद थे। अभी किसान सेठानी घाट पर बैठे हैं।
दोपहर बाद भोपाल के लिए किया कूच….
किसानों ने दोपहर बाद भोपाल के लिए कुछ किया । जमकर नारेबाजी करते हुए किसान आगे बढ़े और बैरिकेट्स लगाकर उन्हें इंदिरा चौक सहित अन्य जगह रोका गया । भोपाल तिहारा पर किसान नेता की रिहाई पर अड़ गए । इसको लेकर किसान नेता को पहुंचाया गया किसान नेताओं का कहना था कि सभी साथियों को रिहा किया जाए। इसके बाद नारेबाजी करते हुए भोपाल की और कूच कर गए । जगह-जगह पुलिस व्यवस्था लगाई गई किसान अपने साथ खाने-पीने का सामान भी लेकर गए।
बातचीत नहीं होने से किसानों में आक्रोश….
किसान संगठनों का कहना है कि पहले मुख्यमंत्री से बातचीत का आश्वासन दिया गया लेकिन उसे पूरा नहीं किया गया । किसानों की आवाजों को दबाने की कोशिश की गई। जब हम रविवार को सीएम से मिलने पहुंचे तो उन्होंने समय नहीं दिया और सोमवार को आंदोलन को दबाया जा रहा है । हमारी बात नहीं सुनी जा रही है। अब भोपाल में सीएम हाउस घेरकर चक्का जाम करेंगे । इस आंदोलन में जिले भर के किसान शामिल हो रहे हैं।
पिछले कई दिनों से चल रहा है धरना प्रदर्शन पुतले भी जलाएं…..
मूंग की सौ फीसदी खरीदी सहित अन्य मांगों को लेकर किसान पिछले कई दिनों से धरना प्रदर्शन कर रहे हैं । अनिश्चित अनिश्चितकालीन हड़ताल भी की और तरह-तरह से धरना प्रदर्शन कर ज्ञापन सौंपा गया लेकिन मुख्यमंत्री, कृषि मंत्री ने ध्यान नहीं दिया। पुतले भी जलाए गए आंदोलन हुए लेकिन बातचीत नहीं हुई किसान आक्रोशित है।
किसानों की प्रमुख मांगें…..
मूंग की सौ प्रतिशत समर्थन मूल्य पर खरीदी। एमएसपी पर खरीद की कानूनी गारंटी लागू हो। ई-टोकन व्यवस्था समाप्त की जाए। मंडी अधिनियम को सख्ती से लागू किया जाए। फसल मुआवजा दिया जाए। प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना में सुधार। अघोषित बिजली कटौती बंद हो।अनुदान पर ट्रांसफार्मर उपलब्ध कराए जाएं। ग्रामीण सड़कों का निर्माण कराया जाए। भारत-अमेरिका ट्रेड डील समाप्त की जाए सहित अन्य मांगें शामिल है।

