
नर्मदापुरम / भगवान जगन्नाथ की रथ यात्रा का समापन सोमवार को परम्परागत हर्षोल्लास के साथ संपन्न हुआ। आज शाम भगवान भाई बलभद्र और बहन सुभद्रा के साथ पुनः मंदिर में विराजमान हुए। इस अवसर पर मंदिर में बड़ी संख्या में भक्त उपस्थित रहे। सबसे पहले भगवान की रथ में पूजा आरती की गई। इसके बाद सुदर्शन, बलभद्र और सुभद्रा को मंदिर में विराजमान किया गया। बाद में भगवान का आगमन हुआ और पहले से ही भगवान से नाराज चल रही माता लक्ष्मी ने मंदिर के कपाट बंद कर दिए। बाद में भगवान द्वारा मन मनोव्वल करने और उपहार देने के बाद उन्होंने मंदिर के कपाट खोले। भगवान को पूरी विधि विधान से मंदिर में विराजमान किया गया। भगवान का आलौकिक श्रृंगार किया गया। शाम को आरती पूजा की गई। इस अवसर पर मंदिर के ठाकुर राजा डा. आशुतोष शर्मा, महंत बाबाजी प्रसाद दास, ओडिशा के आचार्य रश्मि रंजन, शिव शंकर ने सम्पूर्ण विधि संपन्न कराई।

