
नर्मदापुरम / इटारसी निवासी गज्जू तिवारी ने बताया कि इटारसी स्थित राजहंस होटल के सामने, रैन बसेरा के पीछे शहर के बीचों-बीच फैली यह गंदगी आखिर किसकी जिम्मेदारी है ?
यह सिर्फ कूड़े का ढेर नहीं, बल्कि नगर पालिका की कार्यप्रणाली पर बड़ा सवाल है। मलबा, सड़ता कचरा, बदबू, गंदा मलमूत्र का पानी और अव्यवस्था—यही क्या इटारसी की पहचान बनकर रह गई है?
रोज़ाना सैकड़ों नागरिक, व्यापारी और बाहर से आने वाले लोग इसी मार्ग से गुजरते हैं। लेकिन जिम्मेदार अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों को यह दृश्य दिखाई क्यों नहीं देता? क्या प्रशासन किसी महामारी या बड़े हादसे का इंतजार कर रहा है?
जनता समय पर टैक्स देती है, लेकिन बदले में उसे साफ़-सुथरा शहर नहीं, बल्कि गंदगी का अंबार मिल रहा है। यह स्थिति किसी भी सभ्य शहर के लिए शर्मनाक है।
मैं गज्जू तिवारी बोल रहा हूँ… दिया अल्टीमेटम
नगर पालिका प्रशासन को 24 घंटे का अल्टीमेटम देता हूँ। की जल्द ही इस पूरे क्षेत्र की सफाई, मलबा हटाने और जल निकासी की व्यवस्था नहीं की गई तो जवाबदारों का पुतला दहन होगा।

