
सिवनी मालवा / नगर में साइबर अपराधों की रोकथाम और आमजन को डिजिटल सुरक्षा के प्रति जागरूक करने के उद्देश्य से “SAFE CLICK 2.0” अभियान के तहत पुलिस द्वारा विशेष जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। एसडीओपी महेंद्र सिंह चौहान के नेतृत्व में जयस्तंभ चौक पर आयोजित इस अभियान में लोगों को साइबर ठगी से बचाव के संबंध में महत्वपूर्ण जानकारी दी गई।
इस दौरान एसडीओपी महेंद्र सिंह चौहान ने कहा कि डिजिटल युग में छोटी-सी लापरवाही भी बड़ी आर्थिक हानि का कारण बन सकती है। उन्होंने लोगों से अपील की कि अपना ओटीपी, यूपीआई पिन, एटीएम पिन या बैंक पासवर्ड किसी भी व्यक्ति के साथ साझा न करें। प्रत्येक ऑनलाइन अकाउंट के लिए अलग और मजबूत पासवर्ड रखें, जिसमें अक्षरों के साथ अंक और स्पेशल कैरेक्टर का भी उपयोग करें। साथ ही सोशल मीडिया और ई-मेल खातों पर टू-स्टेप वेरिफिकेशन अवश्य सक्रिय रखें।
उन्होंने लोगों को लॉटरी, इनाम या नौकरी का लालच देकर भेजे जाने वाले संदिग्ध लिंक, एसएमएस, व्हाट्सएप संदेश या ई-मेल पर क्लिक नहीं करने की सलाह दी। इसके अलावा रेलवे स्टेशन, कैफे या अन्य सार्वजनिक स्थानों पर उपलब्ध मुफ्त वाई-फाई का उपयोग बैंकिंग लेन-देन या ऑनलाइन खरीदारी के लिए नहीं करने की बात कही।
एसडीओपी ने बताया कि यदि कोई व्यक्ति बैंक अधिकारी, पुलिस या बिजली विभाग का कर्मचारी बनकर फोन पर डराने या गोपनीय जानकारी मांगने का प्रयास करे, तो तुरंत कॉल काट दें और संबंधित विभाग के आधिकारिक नंबर पर संपर्क कर जानकारी की पुष्टि करें। किसी भी वेबसाइट पर ऑनलाइन भुगतान करने से पहले यूआरएल में https:// और लॉक (ताले) का चिन्ह अवश्य जांचें।
उन्होंने नागरिकों से अपने बैंक स्टेटमेंट और मोबाइल पर आने वाले लेन-देन संबंधी संदेश नियमित रूप से जांचने की अपील की, ताकि किसी भी अनधिकृत ट्रांजेक्शन का समय रहते पता चल सके।
पुलिस ने बताया कि यदि कोई व्यक्ति साइबर ठगी का शिकार हो जाए तो बिना देरी किए राष्ट्रीय साइबर हेल्पलाइन 1930 पर कॉल करें तथा National Cyber Crime Reporting Portal पर ऑनलाइन शिकायत दर्ज कराएं। अभियान के दौरान पुलिस अधिकारियों ने आमजन से साइबर सुरक्षा के नियमों का पालन करने और दूसरों को भी इसके प्रति जागरूक करने की अपील की।

