
सिवनी मालवा / नर्मदापुरम-टिमरनी मार्ग के उन्नयन एवं फोरलेन सड़क निर्माण परियोजना को लेकर भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया ने गति पकड़ ली है। भूमि अर्जन, पुनर्वास एवं पुनर्व्यवस्थापन में उचित प्रतिकर और पारदर्शिता अधिकार अधिनियम, 2013 के तहत सामाजिक प्रभाव आकलन (एसआईए) की प्रक्रिया पूरी की जा रही है। इसी क्रम में प्रभावित ग्रामों में जनसुनवाई आयोजित कर किसानों, भूमि स्वामियों और ग्रामीणों से सुझाव एवं आपत्तियां प्राप्त की गई हैं।
उपलब्ध दस्तावेजों के अनुसार परियोजना के लिए सिवनी मालवा क्षेत्र के विभिन्न ग्रामों में कुल 4.33 हेक्टेयर से अधिक भूमि अधिग्रहित किए जाने का प्रस्ताव है। इसमें ग्राम बनापुरा की 2.784 हेक्टेयर, बराखड़ कला की 0.308 हेक्टेयर, बराखड़ खुर्द की 0.475 हेक्टेयर तथा दमड़िया की 0.763 हेक्टेयर भूमि शामिल है। प्रस्तावित भूमि का उपयोग सड़क चौड़ीकरण, निर्माण कार्य एवं अन्य आवश्यक आधारभूत सुविधाओं के विकास में किया जाएगा।
जनसुनवाई के दौरान अधिकांश ग्रामीणों ने परियोजना को क्षेत्र के दीर्घकालिक विकास के लिए महत्वपूर्ण बताया। ग्रामीणों का कहना था कि बेहतर सड़क संपर्क से आवागमन आसान होगा, परिवहन लागत कम होगी तथा व्यापारिक गतिविधियों को बढ़ावा मिलेगा। कई स्थानों पर लोगों ने परियोजना के प्रति समर्थन जताते हुए अपनी सहमति भी दर्ज कराई।
सामाजिक प्रभाव आकलन रिपोर्ट में उल्लेख किया गया है कि मार्ग के उन्नयन से नर्मदापुरम, टिमरनी और आसपास के क्षेत्रों के बीच संपर्क मजबूत होगा। सड़क निर्माण पूर्ण होने के बाद यात्रा समय में कमी आएगी, माल परिवहन सुगम होगा तथा स्थानीय व्यवसायों को नए अवसर मिल सकेंगे। रिपोर्ट में यह भी संभावना जताई गई है कि निर्माण कार्य के दौरान और उसके बाद रोजगार के अवसरों में वृद्धि होगी, जिससे स्थानीय अर्थव्यवस्था को लाभ मिलेगा।
रिपोर्ट के अनुसार परियोजना से जुड़े पर्यावरणीय पहलुओं का परीक्षण निर्धारित नियमों के तहत पृथक रूप से किया जाएगा। पर्यावरणीय स्वीकृति सहित अन्य आवश्यक अनुमतियों की प्रक्रिया पूरी होने के बाद ही निर्माण कार्य आगे बढ़ाया जाएगा। प्रशासन का कहना है कि भूमि अधिग्रहण की पूरी कार्रवाई पारदर्शी एवं कानूनी प्रावधानों के अनुरूप की जाएगी तथा प्रभावित किसानों और भूमि स्वामियों के हितों का ध्यान रखा जाएगा।
जनसुनवाई एवं सामाजिक प्रभाव आकलन की प्रक्रिया पूरी होने के बाद अंतिम प्रतिवेदन शासन को भेजा जाएगा। इसके आधार पर भूमि अधिग्रहण की आगामी कार्रवाई और परियोजना के क्रियान्वयन से संबंधित निर्णय लिए जाएंगे। अधिकारियों के अनुसार प्राप्त सुझावों और आपत्तियों का परीक्षण कर नियमानुसार आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।
क्षेत्र के विकास की दृष्टि से इस परियोजना को महत्वपूर्ण माना जा रहा है। जानकारों का मानना है कि सड़क संपर्क बेहतर होने से औद्योगिक, कृषि एवं व्यापारिक गतिविधियों को नई गति मिल सकती है, जिससे सिवनी मालवा क्षेत्र के आर्थिक विकास को भी बल मिलेगा।

