
नर्मदापुरम / जिले में पिछले सात वर्षों से पदस्थ उद्यानिकी विभाग की उपसंचालक रीता उइके के कार्यकाल को लेकर सवाल उठने लगे हैं। आरोप है कि विभाग की कई महत्वपूर्ण योजनाओं का प्रचार-प्रसार सिर्फ फाइलों और कागजों में ही दिखाई देता है, जबकि बड़ी संख्या में किसान इन योजनाओं की जानकारी और लाभ से वंचित हैं।
जानकारों का कहना है कि उद्यानिकी विभाग को फल, फूल, सब्जी और अन्य बागवानी फसलों को बढ़ावा देने के लिए करोड़ों रुपये की योजनाएं संचालित करनी होती हैं, लेकिन जमीनी स्तर पर इनका प्रभाव अपेक्षित रूप से नजर नहीं आता। किसानों का आरोप है कि योजनाओं की जानकारी गांव-गांव तक पहुंचाने के बजाय विभागीय औपचारिकताओं तक ही सीमित रह जाती है।
लंबे समय से एक ही जिले में पदस्थापना को लेकर भी चर्चाएं हैं…
सवाल उठ रहे हैं कि आखिर सात वर्षों से एक ही अधिकारी जिले में कैसे जमी हुई हैं और विभागीय कार्यों की स्वतंत्र समीक्षा क्यों नहीं हो रही है। किसानों और जनप्रतिनिधियों का कहना है कि योजनाओं के वास्तविक क्रियान्वयन और लाभार्थियों की स्थिति की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए, ताकि हकीकत सामने आ सके।

