
नर्मदापुरम / “नीर पखेरू योजना से उड़ी नई उड़ान” आदिवासी विकास खंड केसला क़े जन शिक्षा केंद्र जमानी समर कैंप में बच्चों ने गढ़े पक्षी मित्र, डीपीसी जायसवाल के समर कैम्प ने दी पर्यावरणीय प्रेरणा”
आदिवासी बहुल विकास खंड केसला जन शिक्षा केंद्र जमानी जिला शिक्षा केंद्र नर्मदापुरम के डीपीसी डॉ. राजेश जायसवाल के अभिनव नवाचारों के तहत jsk जमानी में ग्रीष्म अवकाश के दौरान सात दिवसीय समर कैंप का सफल आयोजन किया गया। कैंप का मुख्य उद्देश्य 8-14 वर्ष के बच्चों को रचनात्मक, शारीरिक और पर्यावरणीय गतिविधियों से जोड़ना तथा शिक्षकों को सामुदायिक योगदान के लिए प्रेरित करना रहा।
कैंप का शुभारंभ आदरणीय कलेक्टर महोदय की ‘नीर पखेरू’ योजना से हुआ, जिसमें बच्चों ने पक्षी आवास (घोंसले) बनाना सीखा। स्कूल परिसर में पक्षियों के लिए दाना-पानी की व्यवस्था, फीडर-सकोरे लगाना, पत्तियों से पक्षी चित्र बनाना, ‘मेरा पंछी मित्र’ पर आर्ट-लेखन तथा घोंसलों की सज्जा जैसी गतिविधियां आयोजित की गईं। योग, शारीरिक जागरण, नृत्य, लोक नृत्य, कहानी लेखन और लीफ आर्ट से कहानी चित्रण ने बच्चों के कौशल को निखारा। समापन समारोह में जन शिक्षक राजकुमार बघेल एकीकृत माध्यमिक शाला नजरपुर में विशेष रूप से उपस्थित हुए। उन्होंने बच्चों के पक्षी आवास, सकोरे और कलात्मक कार्यों की सराहना की तथा ग्रीष्मावकाश में ‘ग्रीष्म में पक्षी मित्र’ प्रतियोगिता के लिए प्रेरित किया। बच्चे घर-आसपास-पेड़ों पर हस्तनिर्मित आवास व सकोरे बनाकर फोटो व्हाट्सएप ग्रुप पर साझा करेंगे। नियमित भाग लेने वालों को 15 जून को पुरस्कार मिलेंगे। साथ ही कक्षावार पहाड़े व लेखन टास्क भी दिए गए। उत्सवपूर्ण समापन में विभिन्न स्कूलों में सम्पन्न हुए। जन शिक्षक बघेल ने सभी को ग्रीष्मावकाश में जनगणना क़े साथ व्ही ई आर सर्वे, नामांकन वृद्धि तथा घर-घर पालक संपर्क के लिए धन्यवाद दिया। नजरपुर शाला प्रभारी चेतना राठौर, शिक्षिका ज्योति सरोज व मीना मौर्य को पेन-डायरी भेंट की गई। सभी बच्चों को पेन, पेंसिल, स्केच पेन, ड्राइंग शीट व नोटपैड उपहार दिए गए तथा आइसक्रीम का आनंद भी लिया। समापन पर शुभकामनाएं देते हुए बघेल जी ने कहा, “यह कैंप शिक्षा को पर्यावरण व समुदाय से जोड़ने का अनुपम उदाहरण है। बघेल ने बताया कि शिक्षा-पर्यावरण का अनुपम संगम।। डीपीसी डॉ. जायसवाल के इस नवाचार ने न केवल बच्चों में रचनात्मकता जागृत की बल्कि शिक्षा विभाग को एक नई दिशा दी हैं।

