
नर्मदापुरम / गुरुवार को कलेक्टर सोमेश मिश्रा ने राजस्व अधिकारियों की जिला स्तरीय बैठक के दौरान विभिन्न राजस्व प्रकरण, सीएम हेल्पलाइन, वन व्यवस्थापन, नजूल, जल गंगा संवर्धन अभियान, राजस्व वसूली, लोक सेवा गारंटी जैसे अन्य राजस्व मामलों की विस्तार पूर्वक समीक्षा की।
कलेक्टर श्री मिश्रा ने राजस्व अधिकारियों की जिला स्तरीय बैठक के दौरान निर्देश दिए कि सभी राजस्व अधिकारी राजस्व से संबंधित सभी मामलों में समग्र रूप से अपने प्रगति प्रतिशत को बढ़ाए। उन्होंने निर्देश दिए की आगामी 1 सप्ताह में सभी अधिकारी आरसीएमएस पोर्टल पर दर्ज मामलों में अपनी प्रगति परिलक्षित करें। उन्होंने समस्त एसडीएम को निर्देश दिए की माह में दो बार अनिवार्य रूप से राजस्व मामलों के लिए अपने-अपने अधीनस्थ तहसीलदारों की बैठक लेकर प्रकरणों की समीक्षा करें। इसी प्रकार समस्त तहसीलदार भी अपने-अपने अधीनस्थ पटवारी एवं आरआई के साथ प्रत्येक सप्ताह बैठक कर लंबित मामलों की समीक्षा करें। कलेक्टर ने कहा की सभी एसडीएम अपने अनुविभागीय क्षेत्र अंतर्गत तहसीलदारों में नियमित रूप से दैनिक लक्ष्य सौंपे।
कलेक्टर ने निर्देश दिए की सभी राजस्व अधिकारी प्रयास करें कि माह मई में निराकरण योग्य प्रकरण शून्य किए जाएं। उन्होंने एडीएम श्री जैन को निर्देशित किया कि आरसीएमएस पोर्टल पर आने वाली किसी भी तकनीकी समस्या के लिए प्रदेश स्तर पर समन्वय स्थापित कर समस्या का समाधान निकाले ताकि कोई भी प्रकरण तकनीकी कारणों से लंबित न रहे। इसी प्रकार उन्होंने लोक सेवा के माध्यम से प्राप्त होने वाले आवेदन का निराकरण भी समय सीमा के भीतर किए जाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि सभी राजस्व अधिकारी यह सुनिश्चित करें कि लोक सेवा के माध्यम से प्राप्त होने वाले कोई भी प्रकरण समय सीमा के बाहर ना हो। उन्होंने प्रभारी अधिकारी राजस्व को निर्देशित किया कि समय सीमा के बाहर होने वाले प्रकरणों के लिए संबंधित राजस्व अधिकारियों के विरुद्ध नियम अनुसार पेनल्टी अधिरोपित की जाए। कलेक्टर श्री मिश्रा ने राजस्व अधिकारियों की बैठक के दौरान निर्देश दिए कि सीमांकन के लंबित मामलों के लिए सभी राजस्व अधिकारी कार्य योजना बनाएं। अपनी अपनी राजस्व टीम को सीमांकन के लिए नियमित रूप से भेज कर सीमांकन के प्रकरणों का निराकरण करवाए। उन्होंने स्पष्ट रूप से निर्देशित किया कि सीमांकन मामलों में मौका निरीक्षण के दौरान दोनों पक्षों को सूचना प्रदान की जाए तथा सीमांकन के दौरान की जाने वाली समस्त कागजी कार्यवाही भी पूरी तरीके से संपन्न हो।
राजस्व अधिकारियों की बैठक के दौरान कलेक्टर ने कहा कि न्यायालय एवं आयोग के प्रकरणों को प्राथमिकता पर रखें। साथ ही ऐसे मामलों में समय सीमा को ध्यान में रखते हुए विशेष रूप से उनमें जवाब दर्ज किए जाएं। कलेक्टर ने कहा कि स्वामित्व योजना के सभी लंबित मामलों में समय सीमा निर्धारित करते हुए प्रयास करें एक माह में सभी लंबित प्रकरणों का निराकरण किया जाए। उन्होंने राजस्व मामला की समीक्षा करते हुए प्रत्येक अनुविभाग अंतर्गत राजस्व अधिकारियों के लिए मासिक एवं साप्ताहिक लक्ष्य निर्धारित करते हुए निर्देशित किया कि तय समय सीमा के अनुरूप कार्य करें। इसी प्रकार उन्होंने जल गंगा संवर्धन अभियान अंतर्गत जल संरचनाओं को खसरे पर दर्ज एवं अपडेट किए जाने के भी निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि समस्त राजस्व अधिकारी संबंध जनपद पंचायत सीईओ के साथ समन्वय कर जल संरचनाओं को राजस्व रिकॉर्ड में दर्ज किया जाना सुनिश्चित करें। कलेक्टर श्री मिश्रा ने राजस्व न्यायालयों के नियमित एवं समयबद्ध संचालन के निर्देश देते हुए स्पष्ट किया कि न्यायालय संचालन में किसी प्रकार की लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी। उन्होंने कहा कि इस संबंध में शिकायत प्राप्त होने पर संबंधित अधिकारियों के विरुद्ध सख्त कार्यवाही की जाएगी। कलेक्टर ने यह निर्देश भी दिए की शासन द्वारा निर्धारित राजस्व वसूली लक्ष्य के अनुरूप राजस्व वसूली को गति दी जाए। सभी राजस्व अधिकारी राजस वसूली के संबंध में मासिक जानकारी तैयार कर प्रस्तुत किया जाना सुनिश्चित करें।
बैठक के दौरान एडीएम अनिल जैन, अपर कलेक्टर बृजेंद्र रावत, डिप्टी कलेक्टर श्रीमती नीता कोरी, डी आर बबिता राठौर सहित समस्त अनुविभागीय अधिकारी तहसीलदार एवं नायब तहसीलदार उपस्थित रहे।

