


नर्मदापुरम / प्रदेश में बिना हेलमेट चलने से बढ़ती मृत्यु दर को कम करने हेतु अभियान चलाया जा रहा है इस के अंतर्गत नर्मदापुरम पुलिस द्वारा भी पुलिस अधीक्षक साईंकृष्णा एस थोटा और अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक अभिषेक राजन के नेतृत्व और मार्गदर्शन में हेलमेट अभियान चलाया जा रहा है।
ध्यान देने वाली बात है कि हेलमेट न पहनने से सड़क दुर्घटनाओं में मृत्यु के मामले चिंताजनक रूप से मप्र बहुत आगे है और दुर्भाग्य से नर्मदापुरम जिले की इस मामले में स्थिति अच्छी नहीं है और इस जिले में भी हेलमेट न पहनने का चलन अधिक पाया जाता हैं। दोपहिया वाहन दुर्घटनाओं में सिर की चोट (Head Injury) मृत्यु का सबसे बड़ा कारण होती है, और हेलमेट न पहनना इस जोखिम को कई गुना बढ़ा देता है।
सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय (MoRTH) की रिपोर्टों के अनुसार, हर वर्ष हजारों दोपहिया चालक और पीछे बैठने वाले यात्री केवल हेलमेट न पहनने के कारण जान गंवाते हैं।
कई वर्षों के आंकड़ों में यह पाया गया है कि दोपहिया वाहन की दुर्घटनाओं में मृत व्यक्तियों में लगभग 80 प्रतिशत हेलमेट नहीं पहने हुए थे।
विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) के अनुसार, सही गुणवत्ता का हेलमेट पहनने से मृत्यु का खतरा लगभग 42% तक कम हो सकता है एवं सर की गंभीर चोट का खतरा लगभग 69% तक कम हो सकता है।
प्रदेश में बिना हेलमेट चलने और ऐसे चालकों की मृत्यु दर बहुत अधिक होने से हेलमेट के लिए विशेष अभियान 26 अप्रैल से 10 मई तक चलाया जा रहा है। इस अभियान के अंतर्गत बिना हेलमेट चलने वालों के विरुद्ध कार्यवाही की जाएगी। साथ ही बिना लाइसेंस चलने पर ड्राइविंग लाइसेंस निलंबन की कार्यवाही भी की जाएगी। लाइसेंस निलंबन की स्थिति में वाहन चलाने पर पुलिस की POS मशीन द्वारा बाद में चालानी कार्यवाही के समय लाइसेंस निलंबित बताएगा जिस पर पुलिस बिना वैध लाइसेंस के वाहन चलाने की कार्यवाही कर सकेगी। साथ ही यदि वाहन स्वामी चालक से अन्य हो तो उसके विरुद्ध भी कार्यवाही कर सकेगी। इस अभियान के दौरान थाना स्तर पर हेलमेट के लिए जन जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए जायेंगे। उल्लेखनीय है कि इस जिले में हेलमेट जागरूकता अभियान, निःशुल्क हेलमेट वितरण की कार्यवाही पहले की जा चुकी है एवं विगत वर्ष 2025 में सिर्फ बिना हेलमेट दोपहिया वाहन चलाने वालों से नर्मदापुरम पुलिस ने 17 लाख रुपए से ज्यादा जुर्माना राशि वसूल किया था।
नर्मदापुरम पुलिस की अपील है कि कृपया हेलमेट पहन कर ही दोपहिया वाहन चलाएं।
हेलमेट पहनना इसलिए जरूरी है…… क्योंकि सड़क दुर्घटना के समय सबसे अधिक खतरा सिर (Head) और मस्तिष्क (Brain) को होता है। सिर पर गंभीर चोट कई बार स्थायी विकलांगता या मृत्यु का कारण बन जाती है। हेलमेट इस जोखिम को काफी हद तक कम करता है।
हेलमेट पहनने के लाभ:
1. सिर की सुरक्षा – दुर्घटना में गिरने या टक्कर लगने पर हेलमेट सिर को चोट से बचाता है।
2. मृत्यु की संभावना कम करता है – शोध बताते हैं कि हेलमेट पहनने से सिर की घातक चोटों का खतरा काफी कम हो जाता है।
3. ब्रेन इंजरी से बचाव – मस्तिष्क पर सीधी चोट से कोमा, याददाश्त की समस्या या स्थायी नुकसान हो सकता है, हेलमेट इससे सुरक्षा देता है।
4. कानूनी अनिवार्यता – भारत में दोपहिया वाहन चलाते समय हेलमेट पहनना मोटर वाहन अधिनियम के तहत अनिवार्य है।
5. परिवार की सुरक्षा – आपकी सुरक्षा सिर्फ आपकी नहीं, आपके परिवार की भी जिम्मेदारी है। एक हेलमेट पूरे परिवार को दुख से बचा सकता है।
6. धूल, धूप और बारिश से बचाव – हेलमेट केवल दुर्घटना ही नहीं, बल्कि मौसम और सड़क की परिस्थितियों से भी सुरक्षा देता है।
कृपया पुलिस का सहयोग करें, क्योंकि हेलमेट अभियान का उद्देश्य लोगों को हेलमेट लगाने के प्रति प्रोत्साहित करना है, जिससे लोग सुरक्षित रहें और दुपहिया वाहन चालकों की मृत्यु दर में कमी लाई जा सके।
आपके लिए नर्मदापुरम पुलिस का संदेश यही है कि:
*”हेलमेट कोई बोझ नहीं, जीवन का सुरक्षा कवच है।”*
*”सिर है तो घर परिवार और संसार है,*
*इसलिए हेलमेट पहनना हर बार है।”*

