

नर्मदापुरम / नारी सम्मान, महिला अधिकार और राजनीतिक भागीदारी के मुद्दे पर महिलाओं का जन आक्रोश अब सड़कों पर दिखाई देने लगा है। राजधानी भोपाल में आयोजित विशाल जन-आक्रोश महिला पदयात्रा की गूंज नर्मदापुरम जिले में भी सुनाई दी, जहां से बड़ी संख्या में महिलाओं ने आंदोलन में सहभागिता दर्ज कराई। नर्मदापुरम भाजपा जिलाध्यक्ष प्रीति शुक्ला के नेतृत्व में जिले की महिलाओं ने पहुंचकर महिला शक्ति का प्रभावी प्रदर्शन किया। भोपाल में आयोजित इस शक्ति प्रदर्शन में प्रदेश भर से हजारों महिलाएं शामिल हुईं। कार्यक्रम में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव, प्रदेश भाजपा अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल, महिला मोर्चा प्रदेश अध्यक्ष अश्विनी परांजपे सहित अनेक वरिष्ठ नेताओं ने भाग लेकर महिला सम्मान और अधिकारों को सर्वोच्च प्राथमिकता बताया। नर्मदापुरम जिले से पहुंची महिलाओं का नेतृत्व कर रहीं प्रीति शुक्ला पूरे आयोजन में सक्रिय नजर आईं। उन्होंने महिला कार्यकर्ताओं का उत्साहवर्धन किया, संगठनात्मक समन्वय संभाला और जिले के प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व करते हुए नर्मदापुरम की मजबूत उपस्थिति दर्ज कराई। उनकी सक्रिय भागीदारी ने जिले की महिला शक्ति और संगठन क्षमता को प्रमुखता से सामने रखा।
इस अवसर पर प्रीति शुक्ला ने कहा कि महिला आरक्षण और नारी सम्मान के मुद्दे पर महिलाओं में व्यापक जागरूकता है। भोपाल की जन-आक्रोश महिला पदयात्रा इसी जनभावना का प्रतीक है, जिसमें हजारों महिलाओं ने शामिल होकर स्पष्ट संदेश दिया है कि वे अपने अधिकारों के प्रति सजग हैं और किसी भी प्रकार का अन्याय स्वीकार नहीं करेंगी। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए डॉ. मोहन यादव ने विपक्ष पर तीखा हमला बोलते हुए कहा कि महिला आरक्षण जैसे महत्वपूर्ण मुद्दे पर राजनीति कर विपक्ष ने देश की आधी आबादी के साथ अन्याय किया है। उन्होंने कहा कि भारतीय जनता पार्टी ने सदैव महिलाओं के अधिकार, सुरक्षा और सम्मान को प्राथमिकता दी है। नर्मदापुरम से पहुंचीं महिलाओं ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में महिलाओं को नई दिशा मिली है। उज्ज्वला योजना, मातृत्व लाभ, स्वरोजगार योजनाएं और महिला सुरक्षा से जुड़े कड़े कानूनों ने महिलाओं को आत्मविश्वास दिया है। कार्यक्रम के दौरान वक्ताओं ने राजा राममोहन राय, ज्योतिराव फुले और डॉ. भीमराव आंबेडकर जैसे महान व्यक्तित्वों का उल्लेख करते हुए कहा कि महिलाओं के अधिकारों की लड़ाई लंबे समय से चली आ रही है और भाजपा उसी परंपरा को आगे बढ़ा रही है। वहीं विपक्ष, विशेषकर कांग्रेस पर निशाना साधते हुए कहा गया कि केवल नारेबाजी और दिखावटी समर्थन से महिलाओं का भला नहीं होगा। महिला अधिकारों के मुद्दे पर गंभीरता न दिखाना उनकी दोहरी राजनीति को उजागर करता है।

