नर्मदापुरम / शासकीय गृहविज्ञान स्नातकोत्तर महाविद्यालय में नारी शक्ति वंदन पखवाड़े के अंतर्गत गुरुवार को वित्तीय साक्षरता विषय पर व्याख्यान का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में वित्तीय जागरूकता क्लब की सदस्य, स्व. सहायता समूह की अध्यक्ष और समाजसेवी श्रीमती कविता राजपूत, सलोनी दुबे, सचिन खरे और सेबी की स्मार्ट ट्रेनर श्रीमती पूजा ऋषि विशेष रूप से उपस्थित रही। ज्ञात हो श्रीमती कविता राजपूत महाविद्यालय की भूतपूर्व मेधावी छात्रा रही है, उन्होने बहुत संघर्ष करके समाज में अपना स्थान बनाया है उनके द्वारा किये गये कार्य अनुकरणीय है। इस अवसर पर महाविद्यालय की प्राचार्य डॉ. श्रीमती कामिनी जैन ने छात्राओं को वित्त के नियोजन एवं पोषण की जानकारी देते हुए बताया कि बचत और विनियोग दोनों अलग अवधारणा हैं आय होने पर पहले बचत करो फिर उसका उपभोग करो अपनी बचत को विभिन्न माध्यमों में निवेश कर अतिरिक्त आय प्राप्त करना चाहिए। वित्तीय साक्षरता हमारे लिए महत्वपूर्ण है। बजट बचत, निवेश, ऋण प्रबंधन एवं भावी जोखिमों से सुरक्षा इसके मुख्य घटक है,छात्राओं को अपने वित्तीय प्लान अभी से बनाने चाहिये। प्राचार्य डॉ. जैन ने बताया कि महाविद्यालय में पूर्व छात्राएं जिन्होने संघर्ष कर अपना मुकाम हासिल किया है उन्हे ही विषय विशेषज्ञ के रूप में महाविद्यालय में छात्राओं को मार्गदर्शन देने के लिए बुलाया जाता है ताकि छात्राएं उनसे प्रेरणा ले सके। कार्यक्रम की मुख्य वक्ता श्रीमती कविता राजपूत ने महिलाओं के लिए सरकारी योजनाओं, विभिन्न उद्योग और स्व. सहायता समूह के माध्यम से रोजगार सृजन के बारे में विस्तार से जानकारी सांझा की, महिला उद्यमियों की समस्याओं और उनके समाधान के लिए आवश्यक सुझाव भी दिए। सेबी की स्मार्ट ट्रेनर ने पीपीटी के माध्यम से छात्राओं को बताया कि विनियोग और बचत आज की आवश्यकता और भविष्य की सुरक्षा है और इनके कुशल प्रबंधन से आय के विभिन्न स्रोत उपलब्ध हो सकते हैं। कार्यक्रम की संयोजक डॉ कंचन ठाकुर ने भी वित्तीय साक्षरता आज की आवश्यकता विषय पर अपना उदबोधन दिया। कार्यक्रम का सफल संचालन डॉ. मनीषा तिवारी ने किया। कार्यक्रम में वरिष्ठ प्राध्यापक डॉ. श्रीकांत दुबे, डॉ. आर के चौकीकर, डॉ. रफीक अली, अजय तिवारी, डॉ. विजया देवास्कर, श्रीमती शिवानी जोशी, कु. ईशा शास्त्री एवं बड़ी संख्या में छात्राए उपस्थित रहीं।

