
नर्मदापुरम / क्षेत्रीय राजनीति में उस वक्त बड़ा उलटफेर देखने को मिला जब भारतीय जनता पार्टी के साथ दशकों से जुड़े निष्ठावान कार्यकर्ताओं ने पार्टी का साथ छोड़कर कांग्रेस का हाथ थाम लिया। कार्यकर्ताओं का आरोप है कि क्षेत्र के वर्तमान विधायक केवल अपनी उन्नति में लगे हैं, जबकि धरातल पर आम कार्यकर्ता बुनियादी सुविधाओं के लिए तरस रहा है।
30 साल का साथ, पर अब सिर्फ उपेक्षा……
कांग्रेस ज्वाइन करने वाले नेताओं ने अपना दर्द साझा करते हुए कहा कि वे पिछले 30-30 वर्षों से भाजपा को सींच रहे थे। लेकिन वर्तमान परिस्थितियों में पार्टी के भीतर उनकी सुनने वाला कोई नहीं है। कार्यकर्ताओं ने विधायक पर तीखा प्रहार करते हुए कहा, विधायक जी सिर्फ अपना पेट भरने में व्यस्त हैं, उन्हें उन कार्यकर्ताओं की कोई सुध नहीं है जिन्होंने उन्हें इस पद तक पहुँचाया।
बुनियादी सुविधाओं के लिए भटक रहे कार्यकर्ता…..
दल-बदल करने वाले नेताओं ने विधायक की कार्यशैली पर गंभीर सवाल खड़े करते हुए कुछ प्रमुख मुद्दे उठाए:…..
राशन कार्ड की समस्या कार्यकर्ताओं का आरोप है कि सालों तक पार्टी की सेवा करने के बावजूद उनके और क्षेत्र के गरीबों के राशन कार्ड तक नहीं बन पा रहे हैं।
शिक्षा में बाधा स्थानीय स्तर पर बच्चों की शिक्षा को लेकर कोई ठोस कदम नहीं उठाए जा रहे हैं, जिससे भविष्य अंधकारमय नजर आ रहा है।
भ्रष्टाचार और स्वार्थ कार्यकर्ताओं ने आरोप लगाया कि क्षेत्र में विकास कार्यों के बजाय व्यक्तिगत हितों को प्राथमिकता दी जा रही है।
कांग्रेस में दिखी नई उम्मीद……
भाजपा छोड़कर आए इन नेताओं का कहना है कि वे जनसेवा के संकल्प के साथ कांग्रेस में शामिल हो रहे हैं। कांग्रेस नेतृत्व ने इन सभी का स्वागत करते हुए भरोसा दिलाया है कि क्षेत्र की जनता और समर्पित कार्यकर्ताओं के मान-सम्मान की रक्षा की जाएगी।

