नर्मदापुरम / गरीबों को अपना इलाज कराने शासकीय जिला चिकित्सालय ही एकमात्र ही सहारा है। लेकिन जिला चिकित्सालय में ही लापरवाही के कारण एक महीने से अधिक समय से ब्लड प्रेशर की गोलियां जिला चिकित्सालय में उपलब्ध नहीं होने से और जो ब्लड प्रेशर के मरीज हैं और अपना इलाज शासकीय चिकित्सालय में कर रहे हैं उन्हें मजबूरी में बाजार से महंगे दामों में ब्लड प्रेशर की दवाइयां लेनी पड़ रही है। ब्लड प्रेशर, ब्लड शुगर एवं थायराइड आजकल मुख्य बीमारी बन गई है। उसके इलाज के लिए जिला चिकित्सालय को पर्याप्त मात्रा में स्टॉक रखना चाहिए। यह तो प्रबंधन की लापरवाही है जो एक महीने से दवाइयां नहीं आ रही। अगर दवाइयां अनुबंध की हुई कंपनी से नहीं आ रही तो ऑप्शन में जरुरी दवाएं दूसरी कंपनी से भी बुलाई जा सकती है। इस संबंध में जब हमने सिविल सर्जन डॉक्टर सुनीता कामले से बात की तो उन्होंने कहा कि आर्डर लगा हुआ है जिस कंपनी से हमारा अनुबंध है। अब जबकि 1 महीने से दवाइयां नहीं आई तो गरीब अपना इलाज कैसे करा पाएगा, इसकी जवाबदारी भी तय होना चाहिए।
इनका कहना……..
शासकीय दवा सप्लायर पर आर्डर लगा हुआ है, जब दवा आ जाएगी वितरित की जाएगी।
डॉ. सुनीता कांमले, सिविल सर्जन, जिला चिकित्सालय नर्मदापुरम।

