नर्मदापुरम / गैस की किल्लत को देखते हुए खाना पकाने का एक ही साधन आसान नजर आता है जिसे बिजली से चलने वाला इंडक्शन चूल्हा भी कहते हैं । बुधवार को जब नर्मदापुरम निवासी राजेंद्र कुशवाहा के घर में इंडक्शन पर खाना बन रहा था, तो उन दौरान इंडक्शन में अचानक जोर की आवाज आई और उसमें ब्लास्ट हो गया शुक्र है कि उस समय इंडक्शन के आसपास कोई नहीं था नहीं तो बड़ा हादसा भी हो सकता था। ईरान, इजरायल, अमेरिका के युद्ध के बाद से एलपीजी गैस मिलने में दिक्कत तो आ ही गई है। क्योंकि अब गैस बुकिंग के लिए नंबर 25 दिन के बाद ही लग रहे हैं और नंबर लगने के एक सप्ताह के भीतर सिलेंडर मिल रहे हैं। जिनके घर एक माह सिलेंडर चलता है उन्हें इंडक्शन का सहारा लेना ही पड़ रहा है एवं इंडक्शन की उपयोगिता भी बढ़ गई है । कुछ दिन पहले इंडक्शन की बिक्री बढ़ने से बाजार में इंडक्शन की कमी भी आई थी।

