
नर्मदापुरम / कल 3 मार्च को होली के दिन वर्ष का पहला चंद्र ग्रहण लगने वाला है. ये वर्ष का सबसे लंबा चंद्र ग्रहण होने वाला है। हिंदू पंचांग के अनुसार 3 मार्च को दोपहर से शाम तक चंद्र ग्रहण रहेगा. फिर रात के समय होलिका दहन किया जाएगा. जबकि 4 मार्च को रंगों की होली खेली जाएगी। यह चंद्र ग्रहण पूर्वाफाल्गुनी नक्षत्र और सिंह राशि में लगने वाला है। चूंकि यह ग्रहण भारत के कुछ हिस्सों में दिखाई देगा। इसलिए इसका सूतक काल भी लागू होने वाला है। आइए जानते हैं कि भारतीय समयानुसार यह चंद्र ग्रहण कितने बजे लगेगा और किन राशियों पर इसका सर्वाधिक प्रभाव होने वाला है।
चंद्र ग्रहण का समय…….
भारतीय समय के अनुसार, यह चंद्र ग्रहण 3 मार्च को दोपहर 3 बजकर 20 मिनट पर शुरू होगा और शाम 6 बजकर 47 मिनट पर समाप्त होगा. इस प्रकार ग्रहण की कुल अवधि 3 घंटे 27 मिनट की रहेगी।
कितने बजे शुरू हो जाएगा सूतक काल ?……
चंद्र ग्रहण में सूतक काल ग्रहण से 9 घंटे पहले शुरू हो जाता है अर्थात इस चंद्र ग्रहण का सूतक काल 3 मार्च को सुबह 6 बजकर 20 मिनट से आरंभ हो जाएगा।
सूतक काल में क्या नहीं करना चाहिए ?….
सूतक काल में पूजा-अर्चना, मूर्तियों को छूना, नए कामों की शुरुआत और किसी भी प्रकार के शुभ या मांगलिक कार्य वर्जित माने गए हैं। इसके अलावा, सूतक काल में भोजन पकाना या ग्रहण करना, यात्रा करना और संवेदनशील लोगों का घर से बाहर जाना भी निषिद्ध माना गया है। मान्यता है कि इस दौरान गर्भवती महिलाओं, वृद्धजनों, बच्चों और रोगी-पीड़ित व्यक्तियों को घर से बाहर नहीं निकलना चाहिए।
कब करें पूजा पाठ…….
ग्रहण समाप्त होने के पश्चात घर की साफ सफाई कर अथवा पूरे घर मे गंगाजल छिड़कर कर स्वंय स्नान कर घर की और अपनी शुद्धि कर आप अपना नित्य कर्म पूजा पाठ इत्यादि कर सकते है..होलिका दहन भी 7 बजे के बाद ही किया जाएगा। और अन्य भी यदि आपके यंहा होली पूर्णिमा पर पूजन इत्यादि हो तो वह शुद्धि के उपरांत ही करें।
भारत में कहां दिखाई देगा चंद्र ग्रहण ?….
यह चंद्र ग्रहण देश के कुछ हिस्सों में नजर आएगा. विशेष रूप से बंगाल के उत्तर-पूर्वी हिस्सों और पूर्वोत्तर राज्यों जैसे मिजोरम, नागालैंड, मणिपुर, असम और अरुणाचल प्रदेश में इसे देखा जा सकेगा। इन क्षेत्रों में रहने वाले लोगों को अतिरिक्त सतर्कता बरतने की आवश्यकता हैं। इसके अलावा, पश्चिम बंगाल में भी ग्रहण दिखाई देगा. दिल्ली, उत्तर प्रदेश, महाराष्ट्र, राजस्थान में आंशिक तौर पर चंद्र ग्रहण दिखाई देगा।
इसके अलावा, यह चंद्र ग्रहण भारत के बाहर भी कई देशों और महाद्वीपों में देखा जा सकता है. पाकिस्तान, अफगानिस्तान, इराक और ईरान समेत लगभग पूरे एशिया में इसका दृश्य दिखाई देने वाला है. साथ ही, यह चंद्र ग्रहण ग्रहण न्यूजीलैंड, ऑस्ट्रेलिया, अंटार्कटिका, उत्तर और दक्षिण अमेरिका और रूस जैसे देशों में भी दिखाई देगा।
इन 5 राशियों पर पड़ सकता है नकारात्मक असर……
*मेष राशि*
मेष राशि के जातकों के लिए यह ग्रहण अनुकूल नहीं माना जा रहा है. इस दौरान भागदौड़ बढ़ सकती है और खर्चे पहले से ज्यादा हो सकते हैं. धन संचय करना कठिन साबित होगा.
*कर्क राशि*
कर्क राशि वालों को आर्थिक नुकसान का सामना करना पड़ सकता है. आय के साधन कमजोर हो सकते हैं और खर्चों में बढ़ोतरी होगी. व्यापार में घाटे और अनावश्यक यात्राओं के योग भी बन सकते हैं.
*सिंह राशि*
चूंकि यह चंद्र ग्रहण सिंह राशि में ही घटित हो रहा है, इसलिए इसका असर इस राशि पर अधिक रहेगा. स्वास्थ्य से जुड़ी परेशानियां, चोट या दुर्घटना का डर और आर्थिक दबाव बन सकता है. पैतृक संपत्ति को लेकर विवाद की संभावना भी है.
*वृश्चिक राशि*
वृश्चिक राशि के जातकों को सेहत के प्रति सतर्क रहना होगा. मानसिक तनाव बढ़ सकता है और करियर में संघर्ष की स्थिति बन सकती है. इस समय उधार या कर्ज लेने से बचना ही बेहतर रहेगा.
*मीन राशि*
मीन राशि वालों के लिए भी यह ग्रहण चुनौतीपूर्ण रह सकता है. बनते हुए कार्य अचानक अटक सकते हैं. पारिवारिक तनाव बढ़ेगा और संतान को लेकर चिंता बनी रह सकती है। (संकलन – प्रीति चौहान)

