
सिवनी मालवा / नगर के समीपस्थ बानापुरा में इन दिनों भोपाल केयर अस्पताल के नाम से संचालित होने वाले अस्पताल में प्राइवेट सोनोग्राफी की जा रही है। भोपाल केयर अस्पताल के संचालक डॉ. शेखर रघुवंशी बीएमओ हैं, लेकिन उन्होंने स्वयं अपना क्लीनिक खोलकर प्रैक्टिस कर रहे हैं, इससे ग्रामीण सहित आसपास के कस्बा के मरीज प्रभावित हो रहे हैं। जहां अस्पताल संचालित होता है वहीं रहते हैं और अपने अस्पताल में प्राइवेट प्रैक्टिस कर मरीजों का इलाज कर रहे हैं। ग्रामीणों क्षेत्रों में मरीज यहां वहां परेशान हो रहे हैं। गौरतलब है कि डा. रघुवंशी सोनोग्राफी की ट्रेनिंग लेने भोपाल पहुंचे थे और जो जिला चिकित्सालय नर्मदापुर में गर्भवती महिलाओं की सोनोग्राफी करने आते थे। लेकिन अब यहां नहीं पहुंच रहे हैं और बानापुरा में अपना प्राइवेट हॉस्पिटल घर बैठे चला रहे हैं। इसके साथ ही शिवपुर में भी पदस्थ हैं लेकिन यह कभी कभार वहां जाते हैं। गर्भवती महिलाएं सोनोग्राफी जांच के लिए यहां वहां परेशान होती हैं और प्राइवेट में जांच करवा रही हैं जबकि गांव में पदस्थ डॉक्टरों को लाखों रुपए की पेमेंट सरकार दे रही है।
प्राइवेट हॉस्पिटल में देख रहे मरीज……..
इसके बाद भी यह प्राइवेट हॉस्पिटल में अपनी चांदी काट रहे हैं । शिवपुर में केवल दो डॉक्टर है। अस्पताल के डॉक्टरों का तो यहां तक की कहना है कि जो डॉक्टर गांव में पदस्थ होते हैं उन पर पूरा बोझ डालकर वरिष्ठ डॉक्टर घर में आराम करते हैं और भरपूर पेमेंट लेते हैं। सिवनी मालवा तहसील और आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों में मरीजों के बुरे हाल हैं। गांव में पदस्थ डॉक्टर वहां पहुंचते नहीं है। अस्पताल में समय पर बैठते नहीं और मरीज परेशान होते रहते हैं। वहीं कुछ जिम्मेदार अधिकारी अपने घर से अप डाउन कर रहे हैं। वहीं कुछ डॉक्टर अटैचमेंट के नाम पर मजे कर रहे हैं। गर्भवती प्राइवेट सोनोग्राफी करवा रही हैं। इसके साथ ही डॉ शेखर रघुवंशी शिवपुर में भी पदस्थ हैं लेकिन यह कभी वहां जाते नहीं है।
इनका कहना है…….
प्रैक्टिस के दौरान सोनोग्राफी नहीं कर सकते। यदि ऐसा किया जाता है तो वह नियम के विरुद्ध है ऐसे मामलों में कार्रवाई की जाएगी।
नरसिंह गहलोत….
मुख्य चिकित्सा अधिकारी, नर्मदापुरम।

