
नर्मदापुरम / किशोर बच्चों के स्वास्थ्य और कल्याण के उद्देश्य से राष्ट्रीय किशोर स्वास्थ्य कार्यक्रम के अंतर्गत उमंग स्कूल हेल्थ एंड वैलनेस कार्यक्रम संचालित हो रहा है। किशोर बच्चों को उनकी समस्याओं की पहचान कराना, स्वास्थ्य के प्रति जागरूक करना और उनका सर्वांगीण विकास करना कार्यक्रम का उद्देश्य है। वर्तमान में उमंग स्कूल हेल्थ एंड वैलनेस कार्यक्रम हाई स्कूल तथा हायर सेकेंडरी स्कूल में चलाया जा रहा है। इसके बेहतर परिणाम सामने आए हैं, जिसको ध्यान में रखते हुए माध्यमिक शाला में भी कार्यक्रम की शुरुआत की गई है। स्वास्थ्य विभाग के अंतर्गत मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी तथा शिक्षा विभाग के अंतर्गत जिला शिक्षा अधिकारी के मार्गदर्शन एवं सहयोग से इस कार्यक्रम में सरकारी स्कूल के शिक्षकों को प्रशिक्षण दिया गया। प्रशिक्षण के द्वितीय चरण में सिवनी मालवा तथा केसला के शिक्षक शामिल हुए। जिले के सभी माध्यमिक स्कूल के शिक्षकों को हेल्थ एंड वैलनेस एंबेसेडर के रूप में प्रशिक्षित किया जा रहा है।प्रशिक्षकों ने कक्षावार जीवन कौशल शिक्षा संबंधी मॉड्यूल के आधार पर शिक्षकों को प्रशिक्षित किया। प्रशिक्षण के दौरान राजेंद्र कुमार ठाकुर, जितेंद्र शर्मा, ओमप्रकाश विश्वकर्मा, हेमंत पटेल, सोनू जैन, कृत्तिका गोस्वामी, शक्ति गोस्वामी, मनीषा वानखेड़े ने प्रशिक्षक की भूमिका निभाई।
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समापन कार्यक्रम में अतिथि के रूप में शिक्षा विभाग से डीपीसी डॉ. राजेश जायसवाल, आरकेएसके की जिला समन्वयक कविता साल्वे उपस्थित रहे। डॉ. जायसवाल ने विद्यार्थियों के हित में चलाए जा रहे उमंग कार्यक्रम की प्रशंसा करते हुए इसे उनके जीवन में बेहद लाभकारी बताया। आपने कहा कि विद्यार्थी के साथ-साथ समाज के विकास में भी शिक्षक की बेहद महत्वपूर्ण भूमिका होती है। हम सभी को सामूहिक प्रयास के माध्यम से शिक्षा के स्तर को तो बढ़ाना ही है, साथ ही विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास के लिए भी मिलजुल कर कार्य करना है। समापन सत्र का संचालन उमंग स्वास्थ्य केंद्र के परामर्शदाता ईश्वर विश्नोई ने किया।
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प्रशिक्षण के दौरान आरकेएसके की जिला समन्वयक कविता साल्वे का निरंतर मार्गदर्शन मिला। आपने राष्ट्रीय किशोर स्वास्थ्य कार्यक्रम के बारे में विस्तार से जानकारी देते हुए 10 से 19 आयु वर्ग के किशोर किशोरियों के परामर्श हेतु संचालित उमंग स्वास्थ्य केंद्र के बारे में जानकारी दी। मनहित ऐप, टेली मानस हेल्पलाइन, जस्ट आस्क चैटबाट के प्रयोग संबंधी जानकारी विस्तार से दी गई। आयोजक के रूप में संपूर्ण कार्यक्रम की संचालन व्यवस्था जन मंगल संस्थान की ओर से की गई। संस्था की ओर से परियोजना प्रभारी अर्चना नागेश्वर के मार्गदर्शन में जिला अस्पताल के परामर्शदाता शुभम संतोरे, सिवनी मालवा से परामर्शदाता ईश्वर विश्नोई, बनखेड़ी के परामर्शदाता रितेश कुशवाहा, हेमलता पटेल, संस्था के राजेश सरेयाम ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।

