


नर्मदापुरम / राजस्व विभाग में पदस्थ राजस्व निरीक्षक अनिल कुमार मालवीय को साल 2022 में लोकायुक्त पुलिस ने 25 हजार की रिश्वत लेते गिरफ्तार किया था। आरआई मालवीय सेवानिवृत्त एएसआई जेपी त्रिपाठी से 30 हजार रुपये की मांग की थी लेकिन 25 हजार पर सहमति बनी थी। आरआई ने रिश्वते लेने के लिए एक प्राइवेट कर्मचारी रखा था। भ्रष्टाचार के गंभीर आरोप लगने के बाद भी आरआई पर अब भी अधिकारियों की मेहरबानी दिखाई दे रही है। एक बार रंगेहाथ गिरफ्तार होने के बाद भी आरआई मालवीय अब भी मलाईदार पद पर पदस्थ है। भोपाल में ही लोकायुक्त की कार्रवाई में धराए आरआइ अब भोपाल की निर्वाचन शाखा में महत्वपूर्ण काम देख रहे हैं। बड़ा सवाल यह है कि एसआइआर जैसी महत्वपूर्ण प्रक्रिया में ऐसे लोगों का शामिल होना इस बात का दर्शाता हैं कि अधिकारी कितने गंभीर हैं। मालवीय का मूल पद भले ही राजस्व निरीक्षक का हो लेकिन निर्वाचन शाखा में वे अनुविभागीय अधिकारी स्तर का कामकाज संभाल रहे हैं। बताया जाता है कि उनके पास निर्वाचन की महत्वपूर्ण स्टोर शाखा, स्वीप और शिकायत शाखा का प्रभार है, जहां लाखों की सामग्री रोजाना प्रदेश भर के जिलों में भेजी जाती है। उसके साथ ही सहायक प्रोग्रामर राजीव जैन और एक अन्य महिला कर्मचारी भी काम कर रहीं हैं। बताया जाता है कि इन तीनों की मिलीभगत से लाखों के बिलों में हेरफेर की जाती है। बताया जा रहा है कि इन तीनों अधिकारियों के कामकाज की जांच की जाए तो आर्थिक अनियमिताओं के कई खुलासे उजागर हो सकते हैं।

