नर्मदापुरम / शासकीय गृहविज्ञान स्नातकोत्तर अग्रणी महाविद्यालय में भारतीय ज्ञान परंपरा के अंतर्गत द्वितीय दिवस व्याख्यान का आयोजन किया गया। डॉ. श्रीमती कामिनी जैन के मार्गदर्शन में भारतीय ज्ञान परंपरा के अंतर्गत बसंत पंचमी के महत्व पर केंद्रित विशिष्ट व्याख्यान का आयोजन किया गया। नेताजी सुभाष चंद्र बोस के क्रांतिकारी विचार एवं राष्ट्र निर्माण के आदर्श विषय पर आयोजित इस व्याख्यान में विशिष्ट वक्ता डॉ. सी एस राज, आर के चौकीकर, डॉ. रामबाबू मेहर, डॉ. नारायण सिंह उपरेलिया ने मंच पर अपनी गरिमामई उपस्थिति प्रदान की। मां सरस्वती की पूजन एवं दीप प्रज्ज्वलन कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया गया। इस अवसर पर महाविद्यालय की प्राचार्य डॉ. श्रीमती कामिनी जैन ने अपने उद्बोधन में कहा कि नेताजी सुभाष चंद्र बोस का कहना था हमें अपनी राष्ट्रीय रक्षा की ऐसी मजबूत नींव रखनी चाहिए कि भविष्य में भी हमारी स्वतंत्रता पर कभी भी आंच ना आए। स्वतंत्रता आंदोलन में नेताजी का अविस्मरणीय योगदान रहा है। वे साहसी और स्वतंत्रता के प्रति अति सजग नेता थे। नेताजी का व्यक्तित्व युवाओं के लिए अनुकरणीय है। विशिष्ट वक्ता डॉ. चंद्रशेखर राज ने अपने उद्बोधन में कहा कि नेताजी सुभाष चंद्र बोस के राष्ट्रवादी विचारों साहस अनुशासन और स्वतंत्रता संग्राम में उनके अद्वितीय योगदान पर विस्तार से प्रकाश डाल दो राज ने कहा कि नेताजी सुभाष चंद्र बोस का जीवन युवाओं के लिए प्रेरणा स्रोत है उनके त्यागरण संकल्प और ओजस्वी विचार देशवासियों में आज भी ऊर्जा का संरक्षण करते हैं। नेताजी के मुख्य नारे तुम मुझे खून दो मैं तुम्हें आजादी दूंगा की जानकारी दी एवं इस नारे के प्रभाव को छात्राओं से साझा किया।डॉ. नारायण सिंह उपरेलिया ने अपने उद्बोधन में भारतीय ज्ञान परंपरा एवं उत्सव चतुष्टय पर केंद्रित जानकारी छात्राओं से साझा की। डॉ. उपरेलिया ने बताया कि प्रथम मां सरस्वती का प्रकट उत्सव, द्वितीय ऋतुराज बसंत उत्सव, तृतीय नेताजी सुभाष चंद्र बोस जयंती उत्सव, चतुर्थ सूर्यकांत त्रिपाठी निराला जयंती उत्सव। आज के दिन मां सरस्वती के जन्म उत्सव पर वेदारंभ संस्कार और शुभ संस्कारों का शुभारंभ होता है, साथ ही ऋतुराज बसंत के आगमन से प्रकृति परिवर्तन एवं नवीन ऊर्जा का संचार होता है।भारतीय ज्ञान परंपरा प्रभारी प्रो. आर के चौकीकर ने बसंत पंचमी निराला जयंती एवं नेताजी सुभाष चंद्र बोस की जयंती की शुभकामनाएं दी एवं छात्राओं को इन महान व्यक्तित्व के धनी लोगों के जीवन से प्रेरणा प्राप्त करने के लिए प्रेरित किया। डॉ. रामबाबू मेहर ने नेताजी सुभाष चंद्र बोस के व्यक्तित्व से जुड़ी प्रेरक जानकारी साझा की। कार्यक्रम का सफल संचालन डॉ. मनीषा तिवारी ने एवं आभार डॉ. विजया देवासकर ने किया। इस अवसर पर डॉ. देवहूति खंडाइत, डॉ. रफीक अली, डॉ. कीर्ति दीक्षित, कुमारी ईशा शास्त्री महाविद्यालय स्टाफ एवं छात्राएं उपस्थित रही।

