

नर्मदापुरम / शासकीय गृहविज्ञान स्नातकोत्तर अग्रणी महाविद्यालय में दिनांक 13.01.2026 दिन मंगलवार को इको क्लब के माध्यम से श्री अन्न मेले का आयोजन किया गया। मेले में श्री अन्य से निर्मित विभिन्न व्यंजनों का प्रदर्शन किया गया। मेले में प्रथम सुपर फोर्स के संचालक नितेश तिवारी को विशेष रूप से आमंत्रित किया गया। जिनका विगत कई वर्षों से मोटे अनाज के विभिन्न उत्पादों का स्टार्टअप सफलतापूर्वक संचालित है। महाविद्यालय की प्राचार्य डॉ. श्रीमती कामिनी जैन ने बताया कि वर्तमान समय में मोटे अनाज का प्रचलन शहरों की ओर तेजी से बढ़ता जा रहा है। मेले में मोटे अनाज से निर्मित विभिन्न व्यंजनों के पोषणिक मूल्य भी बताए गए जिससे समाज में इन अनाजों के प्रति जागरूकता बढ़े। मोटा अनाज मानव जाति के लिए ज्ञात सबसे पुराने खाद्य पदार्थों में से एक है। यह महत्वपूर्ण इसलिए है कि इस शुष्क भूमि पर बहुत कम निवेश के साथ उगाया जा सकता है। इसकी खेती आत्मनिर्भरता बढ़ाने का उचित समाधान है। मेले की संयोजक डॉ. संगीता अहिरवार ने बताया कि मोटे अनाज स्वास्थ्य को उत्तम बनाने का एक बेहतरीन साधन सिद्ध हो सकते हैं।
*छात्राओं ने मेले में उत्कृष्ट प्रदर्शन किया*
इको क्लब प्रभारी ने नितेश तिवारी के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि उनके द्वारा मोटे अनाज से संबंधित स्टार्टअप की जानकारी मिलती रहे। जिससे स्वयं का व्यवसाय प्रारंभ करने का मार्गदर्शन महाविद्यालय की छात्राओं को मिलता रहे। सीएनडी विभाग की विभागाध्यक्ष डॉ. रश्मि श्रीवास्तव के मार्गदर्शन में सीएनडी विभाग की छात्राओं ने मोटे अनाज के व्यंजन जैसे भगर का पुलाव, भगर की खीर, पसाईधान के पुलाव, रागी का पैनकेक बनाएं एवं गृहविज्ञान विभाग की छात्राओं द्वारा भारती दुबे, मनीषा वाघमारे एवं देवहूति खंडाइत के मार्गदर्शन में ज्वार, बाजरे, कंगनी, रागी आदि से केक, खिचड़ा, रोटी, पुलाव, पापड़ कई व्यंजन बनाएं गए। महाविद्यालय में प्रयास एनजीओ के द्वारा श्री अन्न पर छात्राओं को प्रशिक्षण भी दिया जा रहा है, जिससे विशेषज्ञ के रूप में अपना कार्य आगे बढ़ा पाए। मेले को सफल बनाने में श्रीमती शीला चौधरी, डॉ. हर्षा चचाने, डॉ. मनीषा तिवारी, श्रीमती विजया देवासकर, श्रीमती नीलम चौधरी, डॉ. श्वेता धाकड़, डॉ. रीना मालवीय, डॉली, सोनम, इको क्लब के सदस्यों डॉ. मनीष चंद्र चौधरी, डॉ. हेमंत चौधरी, उर्जिता, मधुमिता, खुशबू का विशेष सहयोग रहा। मेले में मोटे अनाज लगभग 50 व्यंजनों की प्रदर्शनी लगाई गई। साथ ही मोटे अनाज के पोस्टर एवं स्लोगन के द्वारा जागरूकता फैलाई गई।

