
नर्मदापुरम / शासकीय गृहविज्ञान अग्रणी स्नातकोत्तर महाविद्यालय की राष्ट्रीय सेवा योजना इकाई द्वारा अखंड मंडलेश्वर धाम जगन्नाथ मंदिर गोदग्राम डोंगरवाड़ा में प्राचार्य डॉ. श्रीमती कामिनी जैन के मार्गदर्शन एवं कार्यक्रम अधिकारी डॉ. हर्षा चचाने एवं पूजा गोस्वामी के सहयोग एवं शिविर नायक दुर्गा सूर्यवंशी और सहनायक सलोनी चौरे के नेतृत्व में सात दिवस विशेष आयोजित किया जा रहा है। शिविर में तृतीय दिवस की शुरुआत उठ जाग मुसाफिर भोर भाई गाते हुए प्रभात फेरी के साथ की गई तथा उसके पश्चात परियोजना कार्य में छात्राओं द्वारा सोशल मीडिया जागरूकता पर गांव में नारे लेखन एवं नुक्कड़ नाटक स्वच्छता जागरूकता हेतु माता मंदिर चौराहा एवं नर्मदा घाट के किनारो एवं तट पर स्थित शंकर मंदिर की साफ सफाई की गई एवं सात बोरी कचरा इकट्ठा करके निस्तारित किया गया। तृतीय दिवस के बौद्धिक सत्र में शासकीय विधी महाविद्यालय द्वारा विधि जागरूकता शिविर आयोजित किया गया।कार्यक्रम की शुरुआत मां सरस्वती जी एवं युवाओं के प्रेरणा पुरुष स्वामी विवेकानंद के समक्ष दीप प्रज्वलन एवं माल्यार्पण करके किया गया। सत्र में विशेष अतिथियों के रूप में डॉ. प्रोफेसर शिवाकांत मौर्य, डॉ. महेंद्र पटेल एवं उनकी टीम शामिल रही साथ ही महाविद्यालय से डॉ. आर बी साह, डॉ. वैशाली लाल, डॉ निशा रिछारिया, डॉ. प्रगति जोशी एवं डॉ. अजय तिवारी , राष्ट्रीय सेवा योजना के कार्यक्रम अधिकारी डॉ. हर्षा चचाने एवं पूजा गोस्वामी, डॉ. घनश्याम डहरिया और डॉ. रफीक अली उपस्थित रहे। कविता राजपूत द्वारा बताया गया कि सोशल मीडिया का उपयोग सकारात्मक सोच और समाजहित के लिए करें सही जानकारी साझा करें अफवाहें और नकारात्मकता से बचने के साथ ही ऑनलाइन शिष्टाचार और जिम्मेदारी को हमेशा प्राथमिकता दें। जुगल किशोर ने कहा कि ट्रैफिक नियम केवल कानून नहीं जीवन की सुरक्षा कवच है वहां चलते समय धैर्य और सैम नियम और सत्यता अत्यंत आवश्यक है। उत्तम द्वारा बताया गया कि पर्यावरण संतुलन बनाना अत्यंत महत्वपूर्ण है, पर्यावरणीय कानून जीवन की गुणवत्ता बनाए रखने के लिए है प्रदूषण फैलाना अपराध है संरक्षण हमारा कर्तव्य है। शिवम यादव द्वारा बताया गया कि मानसिक स्वास्थ्य भी शारीरिक स्वास्थ्य जितना ही महत्वपूर्ण है तनाव और दबाव में खुलकर बात करना कमजोरी नहीं समझदारी है। रोशनी नरवरिया ने बालिकाओं की व्यवस्था में होने वाली शारीरिक एवं मानसिक अवस्थाओं पर प्रकाश डाला। उन्होंने हार्माेनल बदलाव भावात्मक स्थिरता एवं आत्मविश्वास विश्वास की कमी जैसे चुनौतियों की जानकारी दी। राष्ट्रीय सेवा योजना कार्यक्रम अधिकारी इकाई दो डॉ. हर्षा चचाने द्वारा सभी अतिथियों का आभार प्रकट किया गया। कार्यक्रम के अंत में संविधान का वाचन किया कार्यक्रम में मंच संचालन दीक्षा मालवीय द्वारा किया गया एवं राष्ट्रगान के साथ कार्यक्रम को विराम दिया उसके पश्चात गांव के बच्चों के साथ स्वयं सेवकों ने राम रावण युद्ध, कितने भाई कितने राष्ट्रीय सेवा योजना के खेल खिलाए एवं स्वयंसेविकाओं के लिए राष्ट्रीय सेवा योजना प्रश्नोत्तरी आयोजित की गई। जिसमें प्रथम द्वितीय और तृतीय स्थान प्राप्त करने वाली छात्राओं को पुरस्कृत किया जाएगा तथा उसके पश्चात सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित करके समीक्षा बैठक का आयोजन किया गया।

