नर्मदापुरम / शासकीय गृहविज्ञान स्नात्कोत्तर अग्रणी महाविद्यालय में भारतीय रेड क्रॉस समिति मध्य प्रदेश राज्य शाखा भोपाल के आदेशनुसार एवं प्राचार्य डॉ. श्रीमती कामिनी जैन के निर्देशन मे दिनांक 6 जनवरी 2026 से 12 जनवरी 2026 स्वामी विवेकानन्द जयंती पर युवा दिवस के उपलक्ष्य में ’सेवा सप्ताह’ के अंतर्गत विविध प्रतियोगिताओं का आयोजन किया जा रहा है। सर्वप्रथम माँ सरस्वती पूजन दीप प्रज्ज्वलन एवं स्वामी विवेकानन्द के चित्र के समक्ष, श्रद्धा सुमन अर्पित कर कार्यक्रम का शुभारम्भ किया गया। इस अवसर पर कार्यक्रम संयोजक डॉ. कंचन ठाकुर, प्रोफेसर आर. के. चौकीकर, श्रीमती मनीषा वाघमारे, सुश्री काजल बाथरे, डॉ. मनीषा तिवारी, डॉ.कीर्ति दीक्षित ने मंच पर अपनी गरिमामयी उपस्थिति प्रदान की। कार्यक्रम संयोजक डॉ. कंचन ठाकुर ने सप्ताह में आयोजित होने वाली विभिन्न प्रतियोगिताएं एवं कार्यक्रम से छात्राओं को अवगत कराया एवं प्रणेता स्वामी विवेकानन्द की प्रेरणा- ’’उठो जागो लक्ष्य को प्राप्त किये बिना रुको मत….. को जीवन में उतारने हेतु प्रेरित किया स्वामी विवेकानन्द के जीवन विचारों और राष्ट्र निर्माण में उनके योगदान विषय पर आधारित निबन्ध प्रतियोगिता में लगभाग 50 छात्राओ ने अपनी सहभागिता की। प्रथम स्थान पर अर्चना यादव, द्वितीय स्थान पर सलोनी सेवरिया, मेघा विश्वकर्मा एवं तृतीय स्थान पर लक्ष्मी वर्मा, आफरीन खान एवं नेहा बरखाने, स्नेहा बरखाने रही एवं द्वितीय दिवस पर स्वामी विवेकानन्द का जीवन दर्शन पर भाषण प्रतियोगिता अयोजित की गई। इस अवसर पर कार्यक्रम के सयोजक डॉ. चन्द्रशेखर राज ने छात्राओं के समक्ष स्वामी विवेकानन्द पर अपने विचार रखे उनके अनुसार मनुष्य में असीम शक्ति निहित है, आवश्यकता है उसे पहचानने की। विवेकानंद ने कर्मयोग, भक्तियोग और ज्ञानयोग के माध्यम से संतुलित जीवन का मार्ग बताया।
डॉ. दुर्गेश तेली ने विवेकानंद के कर्मयोग, भक्तियोग और ज्ञानयोग के माध्यम से संतुलित जीवन का मार्ग बताया। वे जाति, धर्म और भेदभाव से ऊपर उठकर विश्व-बंधुत्व में विश्वास करते थे। युवाओं को उन्होंने राष्ट्र-निर्माण की शक्ति माना और चरित्र-निर्माण पर बल दिया है। इस अवसर पर 30 प्रतिभागी छात्राएं उपस्थित रही। प्रतियोगिता में प्रथम स्थान परी कहार, द्वितीय रीना उइके एवं तृतीय आफरीन बी रही। इस अवसर पर डॉ. रामबाबू मेहर डॉ. विजया देवासकर प्रेमकांत कटंगकर एवं छात्राएं उपस्थित रहीं।

