
नर्मदापुरम / विश्वकर्मा परिवार द्रारा आयोजित श्री मद् भागवत कथा के तृतीय दिवस की कथा में ग्राम कहारिया में पंडित राकेश दीक्षित महाराज ने बताई कि अगर हमने बचपन से भगवत भजन कीर्तन सतसंग की राह पकड़ रखी है तो वह हमें पचपन से आगे भी ले जायेगी। क्योंकि सद्ग्रन्थ और पुराण हमारे आईना है। परम भक्त धुव्र, प्रहलाद ने भक्ति मीराबाई ने, कर्मा बाई ने भगवान को बचपन में पाया पचपन का इंतजार नहीं किया । फिर हम पचपन की राह क्यों देख रहे हैं । क्योंकि पचपन तक जगत से मोह होने बाद फिर जगदीश से प्रेम नहीं होगा फिर हम केवल मे और मेरा के चक्कर में पड़ जायेंगे और मन मोहन से हमारा नाता नहीं जुडेगा। पंडित दीक्षित महाराज ने बताया कि हमारी प्रीति जगत से ना कर जगदीश से करे। मेरी प्रीत ना छूटेगी नंदलाला से नंदलाला से मुरलीवाला से मेरी प्रीत ना छूटेगी नंदलाला से भजन गाते परमानन्द प्राप्त किया।

