
नर्मदापुरम / शासकीय गृह विज्ञान अग्रणी स्नातकोत्तर महाविद्यालय, नर्मदापुरम की राष्ट्रीय सेवा योजना इकाई द्वारा गोदग्राम डोंगरवाड़ा में महाविद्यालय की प्राचार्य डॉ. श्रीमती कामिनी जैन के मार्गदर्शन में आयोजित सात दिवसीय विशेष शिविर के द्वितीय दिवस की शुरुआत प्रातः ग्राम में प्रभात फेरी के साथ की गई। स्वयं सेविकाओं द्वारा भजन गाते हुए ग्राम भ्रमण किया गया, जिससे ग्रामीणों में सकारात्मक ऊर्जा एवं सामाजिक चेतना का संचार हुआ। तथा उसके पश्चात स्वयंसेविकाओं ने योग एवं व्यायाम किया गया। परियोजना कार्य के अंतर्गत ग्राम में साफ-सफाई अभियान चलाया गया। साथ ही नारे लेखन, ग्राम एवं मतदाता जागरूकता हेतु नुक्कड़ नाटक का आयोजन किया गया, जिसके माध्यम से ग्रामीणों को मतदान के महत्व एवं सामाजिक दायित्वों के प्रति जागरूक किया गया एवं ग्राम वासियों को मतदान जागरूकता हेतु शपथ दिलवाई गई तथा उसके पश्चात परिसर में लोक कला विषय पर रंगोली प्रतियोगिता आयोजित की गई। द्वितीय दिवस के बौद्धिक सत्र की शुरुआत मां सरस्वती एवं स्वामी विवेकानंद के समक्ष दीप प्रज्ज्वलन, सरस्वती वंदना एवं स्वागत गीत से हुई। इस अवसर पर स्वयंसेवक मीरा चौहान द्वारा हस्तनिर्मित मुकुट पहनाकर आत्मीय स्वागत किया गया। विशेष अतिथि के रूप में डॉ. योगेश खंडेलवाल, सहायक प्राध्यापक, एक्सीलेंस कॉलेज नर्मदापुरम तथा डॉ. दिनेश श्रीवास्तव उपस्थित रहे। डोंगरवाड़ा ग्राम से समाजसेवी तिरंगा राज कार्यक्रम में विशेष रूप से उपस्थित रहे एवं महाविद्यालय से डॉ. कंचन ठाकुर, डॉ. आर.के. चौकीकर, डॉ. दुर्गेश तेली, डॉ. मनीषा बाघमारे, डॉ. मनीष चंद्र चौधरी एवं डॉ. हेमंत चौधरी डॉ. घनश्याम डहेरिया, डॉ. रफीक अली, कार्यक्रम अधिकारी डॉ. हर्षा चचाने एवं पूजा गोस्वामी की गरिमामयी उपस्थिति रही। बौद्धिक सत्र में डॉ. योगेश खंडेलवाल ने सभी छात्रों को बधाई देते हुए बताया कि व्यक्तित्व विकास हमारे जीवन का एक महत्वपूर्ण कदम है, उन्होंने हार्ड स्किल सॉफ्ट स्किल एवं नेतृत्व पर प्रकाश डालते हुए मां को नियंत्रित और अनुशासित रखने की आवश्यकता बताई। साथ ही उन्होंने स्थल कारण और सूक्ष्म शरीर तथा मन बुद्धि चित अहंकार और बुद्धि के महत्व को भी बताया। डॉ. दिनेश श्रीवास्तव द्वारा बताया गया कि जिस प्रकार टीवी में हजारों चौनल होते हैं और यह हमारे ऊपर निर्भर करता है कि हमें कौन-सा चौनल देखना है, उसी प्रकार हमारे जीवन में भी अनेक विचार और परिस्थितियाँ होती हैं। जिस व्यक्ति के हाथ में रिमोट होता है, वही निर्णय लेता है। अतः उन्होंने छात्रों को यह संदेश दिया कि अपने मन का रिमोट स्वयं के हाथ में रखें। इस उदाहरण के माध्यम से उन्होंने विद्यार्थियों को सकारात्मक सोच एवं आत्मनियंत्रण का महत्व समझाते हुए मार्गदर्शन प्रदान किया। डॉ. आर के चौकीकर ने बताया कि राष्ट्रीय सेवा योजना का मुख्य उद्देश्य शिविर की दिनचर्या को अपनाते हुए स्वयं सेवकों को शाम से जोड़ना है ग्राम सर्वे सामूहिक रूप से विभिन्न गतिविधियों एवं छोटे-छोटे प्रयासों से हमें बड़ी सीख मिलती है।
कार्यक्रम का संचालन लक्ष्मी सूर्यवंशी द्वारा किया गया, आभार प्रदर्शन नंदिनी द्वारा किया गया एवं अंत में सामूहिक रूप से राष्ट्रगान किया गया। शाम के समय स्वयं सेवकों द्वारा ग्राम संपर्क किया गया। जिसमें मतदान संबंधी जानकारी प्राप्त कर ग्राम वासियों को वोटर लिस्ट में नाम जुड़वाने के लिए प्रेरित किया गया। ग्राम संपर्क के दौरान ग्राम डोंगरवाड़ा के सचिव पूरनलाल बनिया, बी एल ओ वीरेंद्र गौर एवं ग्राम वासियों का भरपूर सहयोग रहा।

