

इटारसी / शासकीय कन्या महाविद्यालय में 76वें संविधान दिवस पर संगोष्ठी का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ भीमरावजी अंबेडकर की प्रतिमा पर माल्यार्पण कर किया गया। कार्यक्रम में वक्ताओं ने भारतीय संविधान की प्रस्तावना, निर्माण, स्रोत, मौलिक अधिकार एवं कर्तव्य, स्वतंत्र न्यायपालिका, सरकार का गठन राज्य के नीति निर्देशक तत्व, संविधान का लोकतंत्र में महत्व आदि विषयों पर विचार व्यक्त किये।कार्यक्रम में प्राचार्य डॉ. आर. एस. मेहरा ने कहा कि भारतीय संविधान को राष्ट्रीय आंदोलन के दौरान जागृत राजनीतिक चेतना का परिणाम माना जाता है। भारतीय संविधान आजादी के 78 वर्षों के पश्चात भी एक जीवंत दस्तावेज की तरह अपना अस्तित्व बनाए हुए हैं। यह देश व समाज की बदलती आवश्यकताओं को पूरा करने के लिए समय के साथ विकसित और बदलता रहता है। आइ.क्यू.ए.सी. प्रभारी डॉ. हरप्रीत रंधावा ने कहा कि डॉ. अंबेडकर ने कहा था कि “संविधान केवल एक कानूनी दस्तावेज नहीं है यह एक मार्गदर्शक है जो समाज को दिशा देता है.”। डॉ. संजय आर्य ने कहा कि हम सभी को संविधान का ज्ञान होना चाहिए ताकि हम अपने अधिकारों एवं कर्तव्यों से परिचित हो सके। अंत में सभी छात्राओं को प्राचार्य द्वारा संविधान की प्रस्तावना की शपथ दिलवाई गई। इस अवसर पर सभी प्राध्यापकगण तथा छात्राएं उपस्थिति थी।

