

नर्मदापुरम / पर्यटन मंत्री धर्मेंद्र भाव सिंह लोधी के मार्गदर्शन एवं दूरदर्शी विज़न के अनुरूप पचमढ़ी क्षेत्र में ग्रीन डेस्टिनेशन्स सर्टिफिकेट एवं अवार्ड कार्यक्रम के तहत सतत पर्यटन को बढ़ावा देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल की जा रही है। यह प्रयास पचमढ़ी को राष्ट्रीय ही नहीं, बल्कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर एक आदर्श सस्टेनेबल टूरिज़्म मॉडल के रूप में स्थापित करने में निर्णायक सिद्ध होगा।
*MPT हाईलैंड होटल, पचमढ़ी में दो दिवसीय कार्यशाला का आयोजन*
26 एवं 27 नवंबर 2025 को MPT हाईलैंड होटल, पचमढ़ी में दो दिवसीय कार्यशाला का आयोजन किया गया, जिसमें विभिन्न विभागों एवं संस्थाओं के वरिष्ठ अधिकारियों ने सक्रिय रूप से भागीदारी की।
कार्यशाला में विशेष रूप से उपस्थित रहे…….
– हिमांशु जैन मुख्य कार्यपालन अधिकारी नर्मदापुरम।
– आपिक ख़ान, एसडीएम पिपरिया, जिला नर्मदापुरम।
• ऋषिभा नेदाम डिप्टी डायरेक्टर, सतपुड़ा टाइगर रिज़र्व।
• राहुल गजबिये, CEO, कंटोनमेंट बोर्ड पचमढ़ी।
• डॉ. संतोष कुमार श्रीवास्तव, संयुक्त संचालक, मध्य प्रदेश पर्यटन बोर्ड।
• आलोक सक्सेना, रीजनल ऑफिस पचमढ़ी MPSTDC..
• कमल धूत, पूर्व अध्यक्ष, SADA पचमढ़ी।
• डॉ. नाहर, प्रोजेक्ट कोऑर्डिनेटर, ग्रीन डेस्टिनेशन्स।
• श्री महादेवन, प्रतिनिधि, ग्रीन डेस्टिनेशन्स।
• के. के. सिंह, एडवाइज़र, मध्य प्रदेश पर्यटन बोर्ड।
• अवनीश यादव, परियोजना सहायक।
• मनोज ठाकुर, प्रबंधक, मध्य प्रदेश पर्यटन नर्मदापुरम।
इसके अलावा वन विभाग, जिला प्रशासन, होटल एसोसिएशन, एडवेंचर ऑपरेटर्स तथा विभिन्न समितियों के प्रतिनिधियों ने भी कार्यशाला में महत्वपूर्ण योगदान दिया।
*GSTC मानकों पर विस्तृत विमर्श*
कार्यशाला के दौरान GSTC (Global Sustainable Tourism Council) द्वारा निर्धारित अंतर्राष्ट्रीय सतत पर्यटन मानकों और मापदंडों पर विस्तृत चर्चा की गई। पचमढ़ी के ग्रीन डेस्टिनेशन नामांकन (Nomination) हेतु आवश्यक प्रक्रियाओं, डेटा संकलन, समुदाय की भागीदारी और विभिन्न मूल्यांकन बिंदुओं पर भी गहन विचार-विमर्श हुआ।
*सतत पर्यटन की दिशा में सशक्त कदम*
इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य पचमढ़ी क्षेत्र में सतत एवं जिम्मेदार पर्यटन को प्रोत्साहित करना है, ताकि यह भारत और विश्व स्तर पर एक प्रमुख ग्रीन डेस्टिनेशन के रूप में पहचान बना सके।
ग्रीन डेस्टिनेशन्स सर्टिफिकेशन प्राप्त होने से—
• पर्यावरण–अनुकूल पर्यटन को बढ़ावा
• प्राकृतिक संपदाओं का संरक्षण
• स्थानीय समुदायों की सक्रिय भागीदारी
• गुणवत्तापूर्ण पर्यटन सेवाओं की उपलब्धता
को मजबूत आधार मिलेगा।
अधिकारियों ने विश्वास व्यक्त किया कि इस पहल से पचमढ़ी में पर्यटकों की संख्या में वृद्धि होगी तथा आर्थिक-सामाजिक विकास को भी नई गति प्राप्त होगी।
अपर मुख्य सचिव पर्यटन एवं संस्कृति शिव शेखर शुक्ला ने कहा:
“पचमढ़ी को सतत पर्यटन मानकों के अनुरूप विकसित करने के लिए सभी संबंधित विभागों—वन विभाग, जिला प्रशासन, होटल एसोसिएशन, एडवेंचर ऑपरेटर्स और स्थानीय समितियों को सक्रिय रूप से जोड़ा जा रहा है। सभी स्टेकहोल्डर्स की संयुक्त भागीदारी इस परियोजना की सफलता का आधार है।
ग्रीन डेस्टिनेशन्स सर्टिफिकेशन की प्रक्रिया शुरू होने से पर्यावरण–अनुकूल पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा, प्राकृतिक संसाधनों का संरक्षण सुदृढ़ होगा, स्थानीय समुदायों को प्रत्यक्ष लाभ होगा और पचमढ़ी को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहचान मिलेगी।”

