
नर्मदापुरम / शासकीय गृहविज्ञान स्नातकोत्तर अग्रणी महाविद्यालय में प्राचार्य डॉ. संगीता अहिरवार के मार्गदर्शन में राष्ट्रीय सेवा योजना सत्र 2026-27 का प्रथम अभिमुखीकरण कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम में पूर्व जिला संगठक डॉ. पी. आर. मानकर, डॉ. आर. के. चैकीकर एवं वर्तमान जिला संगठक नर्मदापुरम डॉ. हर्षा चचाने, राष्ट्रीय सेवा योजना कार्यक्रम अधिकारी इकाई -1 सुश्री काजल बाथरे एवं इकाई -2 सुश्री पूजा गोस्वामी ने मंच पर अपनी उपस्थिति दी।
कार्यक्रम का शुभारंभ माँ सरस्वती एवं युवाओं के प्रेरणास्रोत स्वामी विवेकानंद के समक्ष दीप प्रज्वलन एवं माल्यार्पण के साथ किया गया। इसके पश्चात राष्ट्रीय सेवा योजना के लक्ष्य गीत का सामूहिक गायन किया गया।
कार्यक्रम में पूर्व जिला संगठक डॉ. पी. आर. मानकर ने स्वयंसेवकों को राष्ट्रीय सेवा योजना के उद्देश्य, स्वयंसेवक की भूमिका, सेवा भावना एवं विभिन्न गतिविधियों के महत्व के बारे में विस्तारपूर्वक जानकारी दी। उन्होंने स्वयंसेवकों को एनएसएस की भावना को समझते हुए समाज एवं राष्ट्र के प्रति अपनी जिम्मेदारियों का निर्वहन करने के लिए प्रेरित किया।
पूर्व जिला संगठक डॉ. आर. के. चैकीकर ने राष्ट्रीय सेवा योजना के प्रमाण-पत्र, विभिन्न प्रकार के शिविरों तथा इसमें स्वयं सेवकों की सहभागिता के संबंध में महत्वपूर्ण जानकारी साझा की। उन्होंने स्वयंसेवकों को विभिन्न शिविरों में सक्रिय सहभागिता कर अनुभव प्राप्त करने तथा अपने व्यक्तित्व का विकास करने के लिए प्रेरित किया।
वर्तमान जिला संगठक डॉ. हर्षा चचाने ने स्वयंसेवकों को आत्मीय एवं प्रेरणादायी मार्गदर्शन प्रदान करते हुए राष्ट्रीय सेवा योजना की गतिविधियों में अनुशासन, समर्पण एवं सक्रिय सहभागिता के लिए प्रेरित किया। उन्होंने स्वयंसेवकों को एनएसएस के उद्देश्यों को आत्मसात कर सेवा कार्यों में निरंतर सक्रिय रहने का संदेश दिया।
कार्यक्रम अधिकारी सुश्री काजल बाथरे ने स्वयंसेवकों को महाविद्यालय एवं राष्ट्रीय सेवा योजना की विभिन्न गतिविधियों में सक्रियता के साथ सहभागिता करने तथा प्रत्येक गतिविधि को सीखने और व्यक्तित्व विकास के अवसर के रूप में लेने के लिए प्रेरित किया।
कार्यक्रम अधिकारी सुश्री पूजा गोस्वामी ने स्वयंसेवकों को संबोधित करते हुए कहा कि राष्ट्रीय सेवा योजना केवल गतिविधियों में सहभागिता करने का माध्यम नहीं, बल्कि सेवा, अनुशासन और जिम्मेदारी को जीवन का अभिन्न हिस्सा बनाने का अवसर है। उन्होंने स्वयंसेवकों को “शांति के सिपाही” बनकर समाज में प्रेम, सद्भाव, सहयोग एवं सकारात्मक सोच का संदेश फैलाने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने कहा कि “हम केवल एनएसएस स्वयंसेवक नहीं हैं, बल्कि समाज में सकारात्मक परिवर्तन के वाहक हैं। हमारी सेवा, हमारा व्यवहार और हमारी सोच समाज में शांति एवं सद्भाव का संदेश देने वाली होनी चाहिए।”
कार्यक्रम में महाविद्यालय की नेशनल कैंपर कु. प्रेरणा पाल तथा स्टेट कैंपर कु. दुर्गा सूर्यवंशी एवं कु. सलोनी दुबे ने अपने एनएसएस शिविरों के अनुभव स्वयंसेवकों के साथ साझा किए। उन्होंने विभिन्न शिविरों में प्राप्त अनुभवों, अनुशासन, सामूहिक जीवन, सेवा कार्यों एवं नई सीख के बारे में जानकारी देते हुए नवागत स्वयंसेवकों को राष्ट्रीय सेवा योजना से जुड़कर अधिक से अधिक गतिविधियों में सहभागिता करने के लिए प्रेरित किया।
अभिमुखीकरण कार्यक्रम के दौरान नवीन स्वयंसेवकों का एनएसएस में पंजीयन, माय भारत पोर्टल पर पंजीयन करने तथा विभिन्न गतिविधियों में सक्रिय सहभागिता के संबंध में जानकारी दी गई। साथ ही स्वयंसेवकों में एनएसएस के प्रति सकारात्मक वातावरण एवं “अभिमुखीकरण से सहभागिता” की भावना विकसित करने पर जोर दिया गया। साथ ही प्रथम वर्ष की छात्राओं को राष्ट्रीय सेवा योजना की डायरी का वितरण भी किया गया, कार्यक्रम के माध्यम से नवचयनित स्वयंसेवकों को राष्ट्रीय सेवा योजना की कार्यप्रणाली, विभिन्न गतिविधियों, शिविरों, प्रमाण-पत्र, अनुशासन, सेवा भावना एवं सामाजिक उत्तरदायित्व से परिचित कराया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य स्वयंसेवकों में सेवा, नेतृत्व, राष्ट्रप्रेम, सामाजिक संवेदनशीलता एवं जिम्मेदारी की भावना विकसित करना रहा। कार्यक्रम में आभार राष्ट्रीय सेवा योजना की वरिष्ठ स्वयंसेवक कु. वर्षा यादव द्वारा दिया।

