
नर्मदापुरम / नगरीय क्षेत्र में नगर की सुगम यातायात व्यवस्था, स्वच्छता, सुरक्षा एवं सार्वजनिक सुविधा सुनिश्चित करने हेतु कार्यवाही की जा रही है। सभी व्यापारियों से अपेक्षा है कि वे प्रशासन का सहयोग करें तथा स्वयं अतिक्रमण हटाकर एक व्यवस्थित एवं सुरक्षित बाजार व्यवस्था बनाने सहभागी बनें।
मुख्य नगरपालिका अधिकारी हेमेश्वरी पटले ने नगर के समस्त दुकानदारों, व्यापारियों एवं प्रतिष्ठान संचालकों से आग्रह किया है कि वे नगर नर्मदापुरम के विभिन्न बाजार क्षेत्रों, मुख्य मार्गों एवं फुटपाथों पर दुकानों की बिक्री हेतु परिधान सामग्री, इलेक्ट्रॉनिक उपकरण, खाद्य सामग्री, रैंक, ठेले, बोर्ड, बैनर, पैकिंग सामग्री आदि सार्वजनिक मार्ग पर रखे जाने से सार्वजनिक मार्ग में आमजन, पैदल यात्रियों एवं वाहनों की आवाजाही गंभीर रूप से बाधित हो रही है। इससे नगर की यातायात व्यवस्था गंभीर रूप से प्रभावित हो रही है तथा दुर्घटना की संभावना भी बढ़ रही है। उन्होंने बताया कि कलेक्टर एवं पुलिस अधीक्षक द्वारा 27 अप्रैल को सतरस्ता से इंदिरा चौक तक पैदल भ्रमण कर मार्ग अवरुद्ध करने वाले व्यापारियों को व्यक्तिगत समझाइश एवं चेतावनी दी थी। नगर पालिका, राजस्व एवं पुलिस विभाग के संयुक्त दल तथा नगर पालिका द्वारा पूर्व में अनेक बार मौखिक एवं लिखित रूप से समझाइश दी गई है कि समस्त व्यापारी अपनी सामग्री केवल अपनी दुकान की निर्धारित सीमा के भीतर ही रखें। नियमित समझाइश एवं चेतावनी के उपरांत भी कई दुकानदार, व्यापारियों एवं प्रतिष्ठान संचालकों द्वारा नगर के मुख्य मार्ग, सार्वजनिक सड़क एवं फुटपाथ पर अतिक्रमण कर रहे हैं, जो कि नियमों के विरुद्ध है। सीएमओ श्रीमती पटले ने उपरोक्त सभी से कहा कि तीन दिवस के अंदर यदि अतिक्रमण नहीं हटाया गया, तो नगर पालिका के विशेष प्रशासनिक दल सार्वजनिक मार्ग, फुटपाथ एवं मुख्य मार्गों पर रखी गई समस्त प्रकार की सामग्री मजबूरन जब्त की जाएगी जिसकी जिम्मेदारी संबंधित व्यापारिक संस्थान दुकानदार की रहेगी। जब्त की गई सामग्री वापस नहीं की जाएगी। पुन: उल्लंघन पाए जाने पर संबंधित व्यापारी/प्रतिष्ठान के विरूद्ध नगरपालिका अधिनियम एवं प्रचलित विधिक प्रावधानों के अंतर्गत दंडात्मक कार्रवाही की जाएगी। मुख्य नगरपालिका अधिकारी हेमेश्वरी पटले ने बताया कि यह कार्यवाही नगर की सुगम यातायात व्यवस्था, स्वच्छता, सुरक्षा एवं सार्वजनिक सुविधा सुनिश्चित करने हेतु की जाएगी। सभी व्यापारियों से अपेक्षा की, कि वह प्रशासन का सहयोग करें तथा स्वयं अतिक्रमण हटाकर एक व्यवस्थित एवं सुरक्षित बाजार व्यवस्था बनाने सहभागी बनें।

