नर्मदापुरम / शासकीय गृहविज्ञान स्नातकोत्तर अग्रणी महाविद्यालय में दिनांक 17 अप्रैल 2024 को शासन की मंशानुसार सोमनाथ स्वाभिमान पर्व की गतिविधियों के अंतर्गत व्याख्यान का आयोजन किया गया। इस अवसर पर मुख्य वक्ता डॉ. संतोष व्यास महाविद्यालय की प्राचार्य डॉ. श्रीमती कामिनी जैन कार्यक्रम प्रभारी डॉ. आर.बी. शाह ने अपनी गरिमामई उपस्थिति प्रदान की। मां सरस्वती की पूजन दीप प्रज्ज्वलन एवं अतिथि के स्वागत उपरांत कार्यक्रम का शुभारंभ किया गया। महाविद्यालय की प्राचार्य डॉ. श्रीमती कामिनी जैन ने अपने उद्बोधन में कहा कि सोमनाथ मंदिर 12 पवित्र शिव ज्योतिर्लिंगों में से पहला ज्योतिर्लिंग है । इसे प्राचीन तीर्थ धाम स्थल के रूप में जाना जाता है। वर्तमान में राष्ट्र अपनी अटूट श्रद्धा और सांस्कृतिक संकल्प के 1000 वर्ष पूर्ण होने के अवसर पर सोमनाथ स्वाभिमान पर्व मना रहा है। इस अवसर पर विभिन्न गतिविधियां वर्ष भर आयोजित की जानी है। सोमनाथ की वास्तु कला अत्यंत विलक्षण एवं शोध का विषय है।
डॉ. संतोष व्यास ने सोमनाथ स्वाभिमान पर्व पर विचार व्यक्त करते हुए कहा कि सोमनाथ मंदिर आस्था, सृजन एवं भारतीय सभ्यता का शाश्वत प्रतीक है।शिक्षा प्रणाली का मंतव्य अच्छा व्यक्तित्व निर्माण करना है। शिक्षा यानी समझ क्योंकि की जीवन अधोगा में है और शिक्षा उद्योगामी। गुजरात के सोमनाथ मंदिर निर्माण, ध्वस्तिकरण एवं पुनर्निर्माण की विस्तृत चर्चा की। डॉ व्यास ने कहा कि हमने समता होगी तभी हमारी क्षमता बढ़ेगी। छात्राओं का मार्गदर्शन करते हुए कहा कि हमेशा अच्छा बोलो और अच्छा बोलने वालों की संगति में रहो।
हिंदी विभाग की विभाग अध्यक्ष डॉ. पुष्पा दुबे ने शब्दों के सही उच्चारण करने एवं शुद्ध शैली उपयोग करने हेतू छात्राओं को प्रेरित किया।कार्यक्रम का सफल संचालन डॉ. आर बी शाह ने एवं आभार डॉ. रामबाबू मेहर ने किया। इस अवसर पर सुश्री काजल बाथरे, डॉ. कीर्ति दीक्षित, डॉ. रफीक अली एवं इतिहास विभाग की छात्राएं उपस्थित रहीं।

