
नर्मदापुरम / माध्यमिक शिक्षा मंडल की 10वीं और 12वीं की परीक्षाओं के आगाज़ से पहले ही जिला शिक्षा विभाग अपनी विवादास्पद कार्यप्रणाली के कारण सुर्खियों में है। जिले में केंद्र अध्यक्षों की नियुक्ति में शासन के नियमों को दरकिनार कर ‘पिक एंड चूज’ की नीति अपनाने के गंभीर आरोप लग रहे हैं। महिलाओं को ‘वनवास’, चहेतों को ‘नजदीकी’ दी गई। हैरानी की बात यह है कि स्कूल शिक्षा मंत्री और शासन के स्पष्ट निर्देश हैं कि महिला कर्मचारियों को यथासंभव स्थानीय स्तर पर ही परीक्षा ड्यूटी दी जाए। इसके उलट, नर्मदापुरम में इस बार बड़ी संख्या में महिला शिक्षिकाओं को जिला मुख्यालय से दूर ग्रामीण और दुर्गम क्षेत्रों में भेज दिया गया है। वहीं, स्थानीय रसूखदार पुरुष शिक्षकों को शहर और आसपास के केंद्रों पर ही नियुक्त कर ‘उपकृत’ किया गया है। ज्ञात हो कि परीक्षा में प्राचार्य , उच्च माध्यमिक शिक्षक और व्याख्याता की केंद्र अध्यक्ष में ड्यूटी लगाई जाती है।
बाबुओं का ‘सिंडिकेट’ और भ्रष्टाचार की बू….
सूत्रों का दावा है कि शिक्षा विभाग की एक ही शाखा में वर्षों से जमे कुछ प्रभावशाली बाबू इस पूरी ‘लिस्टिंग’ के खेल के सूत्रधार हैं। आरोप है कि महिला शिक्षिकाओं की ड्यूटी जानबूझकर दूर लगाई जाती है ताकि उसे निरस्त कराने के नाम पर अनैतिक लाभ लिया जा सके। पिछले वर्ष भी कलेक्टर के हस्तक्षेप के बावजूद इस सिंडिकेट ने अपनी मनमानी की थी, जिससे कई केंद्रों पर नकल की शिकायतें भी सामने आई थीं। अहमदाबाद रेवड़ी रेवड़ी चीन्ह चीन्ह के दे कहावत चरितार्थ हो रही है कि विभाग में बैठे जिम्मेदार अपने चहेतों को ही मलाईदार और सुविधाजनक केंद्र बांट रहे हैं। पुराने दागी चेहरों को दोबारा केंद्र अध्यक्ष बनाना इस आशंका को बल देता है कि क्या इस बार भी परीक्षाओं की गोपनीयता और निष्पक्षता से समझौता किया जाएगा?
जांच की उठ रही मांग……
जिले के जागरूक नागरिकों और पीड़ित शिक्षिकाओं ने मांग की है कि परीक्षा शुरू होने से पहले इन नियुक्तियों की उच्च स्तरीय जांच हो। वर्षों से एक ही सीट पर जमे बाबुओं का तत्काल स्थानांतरण किया जाए। रोटेशन नीति का कड़ाई से पालन हो ताकि पारदर्शी व्यवस्था बनी रहे।अब देखना यह है कि जिला प्रशासन इस ‘शिक्षा माफिया’ और प्रशासनिक साठगांठ पर क्या कार्रवाई करता है या फिर पिछले वर्षों की तरह इस बार भी नियमों की बलि चढ़ा दी जाएगी। कुछ स्कूल के स्थानीय प्रिंसिपलों को फिर यही लोकल में ही शिफ्ट किया गया यह पक्षपात हो रहा है। जिले की फ्लाइंग स्क्वायड में ऐसी महिलाओं को शामिल किया गया है जो अभी तक शामिल थी नहीं उनको जानबूझकर फ्लाइंग स्क्वायड में शामिल किया है ।

